गोरखपुर में दोपहर के 1:30 बज रहे थे। अचानक दीवानी कचहरी की पार्किंग में गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बस, चौतरफा अफरातफरी फैल गई। आसपास की दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गईं। सकते में आए अधिवक्ता पहले इधर-उधर भागे, फिर खून से लथपथ युवक के पास पहुंच गए।
वारदात से गुस्साए अधिवक्ता गेट पर खड़े हो गए। अधिवक्ताओं को समझाने में पुलिस को पसीने छूट गए। करीब तीन बजे तक अफसरों का आना-जाना लगा रहा। इसी बीच पता चला कि दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने अभियुक्त दिलशाद हुसैन की गोली मारकर हत्या कर दी है।
गोली चलने के थोड़ी देर बाद ही यह तो सबको पता चल गया कि किसी की हत्या हुई है, लेकिन किसकी हत्या हुई और किसने की है, यह जानने की सभी को जिज्ञासा थी। इसी बीच तमाम तरह की अफवाहें भी उड़ती रहीं। हालांकि, कुछ ही देर में अधिवक्ता सारा मामला समझ गए, लेकिन भीड़ की उत्सुकता बनी रही। कोई राहगीर पुलिस से पूछता तो कोई वकीलों से। इन सबके बीच पुलिस को काफी विरोध झेलना पड़ा।
पुलिस को परिसर में दाखिल होने में आधे घंटे लग गए। शव को भी पुलिस तब कब्जे में ले पाई, जब जिला जज पहुंचे। चाय के दुकानदार शिवकुमार ने बताया कि अचानक लोग भागकर उसकी गुमटी में आ गए थे। सब घबराए हुए थे। पान विक्रेता सागर ने बताया कि दो गोली चली थी। इससे भगदड़ मच गई। दुकान पर खड़े कई ग्राहक भाग खड़े हुए। कुछ तो पैसा तक नहीं दिए।
घटनाक्रम
दोपहर 1:20 बजे : दिलशाद ने अपने वकील को पार्किंग में आने की जानकारी दी
दोपहर 1:27 बजे : वकील गेट की तरफ आ रहे थे, इसी दौरान एक गोली चली
दोपहर 1:30 बजे : दिलशाद को गोली मार दी गई, आरोपित भागने लगा, लोगों ने दौड़ाकर पकड़ लिया
दोपहर 1:40 बजे : गोली मारने के आरोपित को पुलिस ने हिरासत में ले लिया
दोपहर 1:50 बजे : एसएसपी डॉ. विपिन ताडा मौके पर पहुंचे, थोड़ी देर में एडीजी अखिल कुमार पैदल ही आ गए
दोपहर 2 बजे : डीआईजी जे. रविंद्र गौड़ मौके पर पहुंचे, फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाया
दोपहर 2:05 बजे : पुलिस शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी गई