भाजपा विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल।
- फोटो : अमर उजाला
मेरे आचरण, व्यवहार और शब्द कोश के बारे में पूरा शहर जानता है। वर्ष 2002 से नागरिकों ने मुझे अपना विधायक बनाया हुआ है। हमारी जिम्मेदारी सिर्फ उनसे है, किसी अभियंता या अधिकारी से कतई नहीं है। जब नागरिकों का जीवन कोई अभियंता नरक करेगा या उसके पैसे में भ्रष्टाचार करेगा तो हम हमेशा खड़ा रहता हूं, और आगे भी रहूंगा।
आज जल निगम के इंजीनियर मेरे गुस्से से नाराज हैं तो मेरे गुस्सा होने के पहले पचासों हजार लोगों का जीवन नारकीय क्यों कर दिया गया? पेयजल की घटिया पाइपलाइन क्यों डाल दी गई? दो साल से सीवर लाइन डालने के नाम पर 15 मोहल्लों की सारी सड़कें खोद डाली गईं।
महिलाएं पैर तुड़वा कर महंगे नर्सिंग होम में इलाज करा रही हैं। सत्ता का विधायक होने के बावजूद विधानसभा में सवाल उठाया तो भी ध्यान क्यों नहीं दिया गया? आज जब उच्च स्तरीय जांच टीम आ गई तो अवकाश, हड़ताल की धमकी देकर बचना चाहते हैं।
मैंने जांच टीम को बयान दिया था कि अगर सारी फटी हुई पाइपें बदल दी जाएं और सारी सड़कें पहले की तरह बनाने को विभाग तैयार हो जाए तो मैं एक बार सारी लापरवाही और भ्रष्टाचार भूल सकता हूं, लेकिन नागरिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता हूं।