न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क की तर्ज पर शहर के प्रस्तावित सिटी फॉरेस्ट को विकसित किया जाएगा। इसमें पेड़-पौधों की विदेशी प्रजाति को नहीं लगाया जाएगा। स्थानीय वानिकी को बढ़ाने के लिए देशी प्रजातियों के पेड़-पौधों को तरजीह दी जाएगी। फिल्मों की शूटिंग के लिहाज से भी इसे विकसित किया जाएगा। जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिटी वन का उद्घाटन कर सकते हैं।
डीएफओ विकास यादव ने बताया कि शहर के सूबा बाजार में 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में शहर वन (सिटी फॉरेस्ट) विकसित किया जाएगा, जिसे विश्व स्तरीय रूप दिया जाएगा। हरियाली और स्थानीय प्रजातियों के साथ जंगल का विकास किया जाएगा। इस योजना को शुरू करके सार्वजनिक भागीदारी आमंत्रित की जाएगी। शहर के जंगलों के विकास में विशेषज्ञता वाले लोगों को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सिटी फॉरेस्ट का प्रारूप पूरी तरह से जंगल के अनुरूप होगा। इसमें मनोरंजन क्षेत्र, आगंतुकों, जल निकायों आदि के लिए प्रतिबंधित जैव-विविधता वृद्धि क्षेत्र बनाया जाएगा। जल संचयन इकाइयां, वॉकिंग ट्रेल्स, रनिंग और साइकिल ट्रैक भी बनाए जाएंगे। जलाशय, पैदल-पथ, लॉन, पुल और, पेड़-पौधे, बैठने के लिए बेंच और पेड़ों की छाया विकसित की जाएगी। उन्होंने बताया कि सिटी फॉरेस्ट को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि इसमें फिल्मों की शूटिंग भी हो सकेगी।
डीएफओ विकास यादव ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट को न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क की तरह विकसित किया जाएगा। सिटी वन 50 हेक्टेयर में होगा, जो सेंट्रल पार्क की तुलना में छोटा होगा, लेकिन प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक चीजें उसी तर्ज पर स्थापित की जाएं। इसके विकसित होने से सिनेमा की सूटिंग भी हो सकेगी।