ई-रिक्शा चलाकर परिवार को भरण-पोषण करता हूं। झरना टोला से सवारी लेकर कूड़ाघाट जाने के लिए निकला था। करीब एक घंटे तक क्रॉसिंग पर फंसा रहा। फाटक खुलने में समय लगने पर सवारी उतर कर उस पार चली गई। यह दिक्कत आए दिन की हो गई है।
: विष्णु, ई-रिक्शा चालक।
इसे भी पढ़ें: चौरीचौरा-मुंडेरा बाजार रेलवे क्रॉसिंग: दो माह में पूरा हुआ दो फीसदी काम, करिए कम से कम दो साल और इंतजार
लंबे समय तक बंद रहती है क्रॉसिंग
झरना टोला के पास लालगंज कॉलोनी में रहता हूं। क्रॉसिंग बंद होने से आए दिन परेशानी झेलनी पड़ती है। एक के बाद एक करके सात से आठ ट्रेनों के गुजरने से लंबे समय तक क्रॉसिंग बंद रहती है। जिससे शहर जाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
: जयनाथ, स्थानीय निवासी।
एयरफोर्स गेट से पैदल सफर करना पड़ा
बेटा आर्मी में है। देवरिया से एयरफोर्स अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने आया था। क्रॉसिंग का फाटक बंद होने से एयरफोर्स गेट से किसी वाहन के नहीं मिलने पर पैदल ही आना पड़ा। कूड़ाघाट जाकर देवरिया घर जाने के लिए बस पकड़ूंगा।
: राम अवध यादव।
सेना से रिटायर होने के बाद वर्ष 1998 में एयरफोर्स अस्पताल के समीप गायत्रीनगर कॉलोनी में मकान बनवाकर रहने लगा। पहले क्रॉसिंग का फाटक बहुत देर बंद नहीं रहता था, लेकिन अब ट्रेनों की संख्या बढ़ने से समय काफी बढ़ गया है। इससे काफी दिक्कत होती है।
: भान प्रताप सिंह, गायत्रीनगर।
इसे भी पढ़ें: नगर आयुक्त की भी नहीं सुनते मातहत: सब हैरान, गैसीफायर शवदाह गृह से लगी लकड़ी वाले की निजी दुकान
ओवरब्रिज निर्माण की मांग लंबे समय से
झरना टोला में मकान बनवाकर परिवार के साथ रहता हूं। अक्सर काम पड़ने पर शहर जाना पड़ता है, लेकिन छावनी रेलवे क्रॉसिंग काफी देर तक बंद होने से परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग कर रहे हैं।
: चंद्रमोहन पांडेय, स्थानीय निवासी।
24 घंटे में गुजरती हैं करीब 147 ट्रेनें
नरकटियागंज से आने वाली एक लाइन और देवरिया की तरफ से आने वाली दो लाइन से ट्रेनें रेलवे छावनी की क्रॉसिंग से होकर गुजरती हैं। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार 24 घंटे में इस रूट से करीब 147 ट्रेनें गुजरती हैं। इस क्रॉसिंग के फाटक पर आठ-आठ घंटे पर तीन शिफ्ट में तीन गेटमैन की ड्यूटी लगाई जाती है