गोरखपुर जिले के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना मरीजों की अब स्कोरिंग होगी। इसके आधार पर कोरोना से जान गंवाने वाले व ठीक होने वाले मरीजों पर अध्ययन होगा। मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित बाल सेवा संस्थान में बने नवनिर्मित कोरोना वार्ड का नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने प्राचार्य एवं डॉक्टरों के साथ बैठक की और मौतों व स्वस्थ होने के कारणों पर अध्ययन करने के लिए कोविड मरीजों की स्कोरिंग करने का सुझाव दिया। कहा कि स्कोरिंग करने से मौतों की रोकथाम में मदद मिलेगी। उन्होंने वार्ड बनाने की कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों को विधायक ने निर्माण से संबंधित कागजातों के साथ अपने आवास बुलाया है।
नगर विधायक के सुझाव पर कॉलेज प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज में होने वाली मौतों का तथ्यात्मक मूल्यांकन करने के लिए ‘कोरोना सीवियरिटी स्कोर’ की रचना करने का निर्णय लिया, ताकि उसके आधार पर बीमारी की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सके।
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार के निर्देश पर प्रो. राजकिशोर सिंह इसका प्रस्ताव तैयार करेंगे, जिसे अनुसंधान समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
नगर विधायक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में मृत्यु दर 16 फीसदी है, यह थोड़ी अधिक है। मरीज के आने पर उसकी बीमारी की स्थिति, सांस कितनी चल रही है। पल्स, बीपी, वायरस लोड व ऑक्सीजन कितना है इसे सूचीबद्ध कर स्कोरिंग की जाए। यदि स्कोर कम है और मरीज की मौत हो जाती है, अथवा स्कोर ज्यादा है और मरीज बच जाता है, इन दोनों स्थितियों का अध्ययन कर कारणों की तलाश की जाए। जो कमियां मिलें, उसे सुधारा जाए और जो अच्छाइयां मिलें, उसे ग्रहण किया जाए। इससे मरीजों के स्वस्थ होने की दर बढ़ेगी और मृत्यु दर में कमी आएगी। यह प्रयोग पूरे देश में अभी कहीं नहीं हो रहा है।