मुहम्मद नदीम ने बताया कि बाजारों में इस बार देसी, बरबरी, जमनापारी और तोतापरी नस्ल के बकरों की खास मांग है। सामान्य बकरे 10 से 20 हजार रुपये तक बिक रहे हैं, जबकि खास नस्ल और भारी वजन वाले बकरों की कीमत 50 हजार रुपये तक पहुंच रही है।
ग्रामीण इलाकों से आए व्यापारी भी अच्छी नस्ल के जानवर लेकर शहर पहुंचे हैं। मोलभाव के बीच खरीदारों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। व्यापारियों ने लोगों को आकर्षित करने के लिए इनके नाम 'शेरू', 'टाइगर' और 'सुल्तान' आदि रखा है।
बकरीद करीब आते ही शहर में लोग घर लाए बकरों की खूब खातिरदारी कर रहे हैं और इनके नखरे चर्चा का विषय बने हुए हैं। कई घरों में बकरों को परिवार के सदस्य की तरह रखा जा रहा है। बच्चों ने भी इनके नाम फिल्मी सितारों और लोकप्रिय किरदारों पर रख दिए हैं।
25 मई से हज के अरकान शुरू हैं, जो 27 मई तक जारी रहेंगे। भारत के लिए खुसूसी दुआ होगी। इस बार गोरखपुर से करीब 117, देवरिया से 35, कुशीनगर से 17, महराजगंज से 71 लोग मुकद्दस हज यात्रा पर गए हुए हैं।
तकबीरे तशरीक पढ़ना वाजिब, बुधवार से पढ़ी जाएगी : हाफिज रहमत
सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार के इमाम हाफिज रहमत अली ने बताया कि दीन-ए-इस्लाम में कुर्बानी देना वाजिब है। उन्होंने बताया कि बुधवार 27 मई को फज्र की नमाज से लेकर हर फर्ज नमाज के बाद तकबीरे तशरीक बुलंद आवाज से पढ़ी जाएगी।
इसका सिलसिला 31 मई की असर की नमाज तक जारी रहेगा। जमात से जो नमाज अदा की जाएगी उसमें ही तकबीरे तशरीक पढ़ी जाएगी। अरफा (9 जिलहिज्जा) के दिन रोजा रखने की बहुत फजीलत हदीस शरीफ में आई है। अरफा इस बार बुधवार 27 मई को पड़ रहा है।