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UP: काशिफ ने 55,000 में खरीदे 'बादशाह'-'सुल्तान' दो बकरे, AC में कर रहे आराम- 28 को मनेगी बकरीद

Tue, 26 May 2026 11:46 AM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

सामान्य बकरे 10 से 20 हजार रुपये तक बिक रहे हैं, जबकि खास नस्ल और भारी वजन वाले बकरों की कीमत 50 हजार रुपये तक पहुंच रही है। ग्रामीण इलाकों से आए व्यापारी भी अच्छी नस्ल के जानवर लेकर शहर पहुंचे हैं। मोलभाव के बीच खरीदारों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। व्यापारियों ने लोगों को आकर्षित करने के लिए इनके नाम 'शेरू', 'टाइगर' और 'सुल्तान' आदि रखा है।
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बकरे को गोद मे लेकर बैठे घोसीपुर के मोहम्मद काशिफ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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ईद-उल-अजहा को लेकर शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में रौनक बढ़ गई है। जामा मस्जिद उर्दू बाजार, जाफरा बाजार, इलाहीबाग, खूनीपुर और जाहिदाबाद की मंडियों में बकरों की खरीदारी तेज हो चुकी है। लोग अपनी पसंद और बजट के मुताबिक बकरे खरीद रहे हैं। घोसीपुर के काशिफ ने 55 हजार में दो बकरे खरीदे हैं। इनका नाम शाहरुख और सलमान रखा है।

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सैयद काशिफ ने दोनों बकरों के लिए अलग से एसी और कूलर का इंतजाम किया गया है। काशिफ बताते हैं कि भीषण गर्मी की वजह से बकरे बाहर निकलना ही नहीं चाहते। कमरे में बिछे बिस्तर पर आराम करना वे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। कभी सोफे पर बैठ जाते हैं तो कभी बच्चों के साथ खेलते नजर आते हैं। इनकी देखभाल किसी खास मेहमान की तरह की जा रही है। खाने में चना, बेल के पत्ते और हरी घास दी जा रही है।

मुहम्मद नदीम ने बताया कि बाजारों में इस बार देसी, बरबरी, जमनापारी और तोतापरी नस्ल के बकरों की खास मांग है। सामान्य बकरे 10 से 20 हजार रुपये तक बिक रहे हैं, जबकि खास नस्ल और भारी वजन वाले बकरों की कीमत 50 हजार रुपये तक पहुंच रही है।

ग्रामीण इलाकों से आए व्यापारी भी अच्छी नस्ल के जानवर लेकर शहर पहुंचे हैं। मोलभाव के बीच खरीदारों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। व्यापारियों ने लोगों को आकर्षित करने के लिए इनके नाम 'शेरू', 'टाइगर' और 'सुल्तान' आदि रखा है।

बकरीद करीब आते ही शहर में लोग घर लाए बकरों की खूब खातिरदारी कर रहे हैं और इनके नखरे चर्चा का विषय बने हुए हैं। कई घरों में बकरों को परिवार के सदस्य की तरह रखा जा रहा है। बच्चों ने भी इनके नाम फिल्मी सितारों और लोकप्रिय किरदारों पर रख दिए हैं।

कुर्बानी के लिए दे रहे पेशगी रकम
उधर, बड़े जानवरों में हिस्सा लेने की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। कई स्थानों पर लोगों ने पेशगी रकम जमा करानी शुरू कर दी है। शहर में हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में भैंस की कुर्बानी की तैयारी चल रही है। धार्मिक विद्वानों का कहना है कि कुर्बानी का त्योहार सिर्फ परंपरा नहीं बल्कि त्याग और इंसानियत का पैगाम भी देता है।

शुरू हुआ हज, मक्का शरीफ में हैं हजारों भारतीय
इस्लामी माह जिलहिज्जा में देश और दुनिया के लाखों मुसलमान हज अदा करते हैं। भारत से भी बड़ी संख्या में हज यात्री मक्का शरीफ पहुंचे हुए हैं। हज पर गए तकिया कवलदह के मुहम्मद वसीम ने बताया कि हज यात्री इबादत में मशगूल हैं।
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25 मई से हज के अरकान शुरू हैं, जो 27 मई तक जारी रहेंगे। भारत के लिए खुसूसी दुआ होगी। इस बार गोरखपुर से करीब 117, देवरिया से 35, कुशीनगर से 17, महराजगंज से 71 लोग मुकद्दस हज यात्रा पर गए हुए हैं।

तकबीरे तशरीक पढ़ना वाजिब, बुधवार से पढ़ी जाएगी : हाफिज रहमत
सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार के इमाम हाफिज रहमत अली ने बताया कि दीन-ए-इस्लाम में कुर्बानी देना वाजिब है। उन्होंने बताया कि बुधवार 27 मई को फज्र की नमाज से लेकर हर फर्ज नमाज के बाद तकबीरे तशरीक बुलंद आवाज से पढ़ी जाएगी।

इसका सिलसिला 31 मई की असर की नमाज तक जारी रहेगा। जमात से जो नमाज अदा की जाएगी उसमें ही तकबीरे तशरीक पढ़ी जाएगी। अरफा (9 जिलहिज्जा) के दिन रोजा रखने की बहुत फजीलत हदीस शरीफ में आई है। अरफा इस बार बुधवार 27 मई को पड़ रहा है।
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