गोरखपुर जिले में आयुष विश्वविद्यालय और वेटनरी कॉलेज की स्थापना के लिए दूसरी बार चिह्नित की गई जमीन में भी पेच फंस गया है। सदर तहसील के जंगल डुमरी स्थित बासस्थान में प्रशासन ने आयुष विश्वविद्यालय और वेटनरी कॉलेज के लिए 100 एकड़ जमीन तलाशी थी। इसका प्रस्ताव भी शासन को भेजा जा चुका है मगर अब वन विभाग ने दावा किया है कि इस जमीन में से करीब 70 एकड़ जमीन विभाग की है। गलती से राजस्व अभिलेखों पर नाम नहीं चढ़ पाया था।
फिलहाल प्रशासन इस मामले को सुलझाने में लगा है। इसके लिए प्रशासन ने वन विभाग को दूसरी जगह दो गुने से अधिक जमीन देने का प्रस्ताव दिया है। विभाग इसपर सहमत भी है। जिला प्रशासन के मुताबिक गोला तहसील क्षेत्र में प्रशासन की करीब 400 एकड़ जमीन है।
इसमें से करीब 300 एकड़ जमीन, वन विभाग को देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कैंपियरगंज में भी करीब 200 एकड़ जमीन है। वन विभाग को दोनों स्थानों में से कहीं एक जगह बदले में जमीन दी जा सकती है। शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है, वहां से प्रस्ताव आने के बाद जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
बता दें कि इससे पहले एक बार और दोनों प्रतिष्ठानों के लिए चिह्नित जमीन का प्रस्ताव बदला जा चुका है। आयुष विश्वविद्यालय के लिए पहले चौरीचौरा तहसील के मलमलिया में जमीन चिह्नित की गई थी। इसे हैंडओवर भी किया जा चुका था। इसी बीच पिछले साल जमीन को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी गई।