निषाद समाज की सक्रियता सोशल मीडिया पर बढ़ी है। ट्विटर अकाउंट के जरिए समाज के लोग अपनी बात मजबूती से रख रहे हैं। अलग-अलग पार्टियों से जुड़े नेता भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। निषाद समाज के फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप के तमाम ग्रुप चल रहे हैं।
जयप्रकाश निषाद को राज्यसभा भेजकर भाजपा ने मारा मास्टर स्ट्रोक
भाजपा ने जय प्रकाश निषाद को राज्यसभा भेजकर मास्टर स्ट्रोक मारा है। जय प्रकाश बसपा के टिकट पर चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से एक बार चुनाव जीते थे। बसपा सरकार में मंत्री बने थे। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थामा था। भाजपा ने जयप्रकाश को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बना दिया। संगठन ने राज्यसभा उपचुनाव में जयप्रकाश निषाद को टिकट देकर चौंका दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने निषाद मतदाताओं का बिखराव रोकने की कोशिश की है।
लोकसभा चुनाव 2019 से पहले भाजपा का निषाद पार्टी से गठबंधन हुआ था। इसका ज्यादा फायदा भाजपा को मिला। निषाद बहुल मानी जाने वाली गोरखपुर, बांसगांव, बस्ती, संतकबीरनगर, डुमरियागंज, कुशीनगर, देवरिया, सलेमपुर, महराजगंज संसदीय सीट पर भाजपा को एकतरफा जीत मिली।
वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर, बलिया, मऊ में भी निषाद मतदाताओं ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। जौनपुर की मल्हनी विधानसभा उपचुनाव को लेकर निषाद पार्टी का मनमुटाव भाजपा से हुआ था। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद ने खुलकर बयानबाजी की थी, लेकिन भाजपा ने उन्हें मना लिया है। डॉ संजय निषाद के बड़े बेटे प्रवीण निषाद संतकबीरनगर से भाजपा सांसद हैं।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य जयप्रकाश निषाद ने बताया कि निषाद समाज अपना हित जानता है। समाज को पता है कि कौन-सी पार्टी ठगती है। हमारा समाज राष्ट्रवादी और विकासवादी सोच का है। किसी के बहकावे में नहीं आएगा। देशहित, जनहित में ही फैसला लेता रहेगा। समाज से जुड़े अलग-अलग संगठन भले हैं, लेकिन सब एक दूसरे की भलाई के लिए काम करते हैं।