अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एमबीबीएस छात्रों के बीच हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। मार खाने वाले छात्रों ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला लिया है। इसकी जानकारी उन्होंने अपने परिजनों को भी दी है। घायल एक छात्र की तरफ से एक अधिवक्ता ने एम्स प्रशासन से संपर्क भी किया है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को एम्स में पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस छात्रों के दो गुटों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। इसमें एक छात्र के सिर में गंभीर चोट आ गई। साथ ही तीन छात्रों के हाथों और पैरों में भी चोटें आईं हैं। इन छात्रों का इलाज भी एम्स में ही चल रहा है। मामले में आठ छात्र निलंबित किए जा चुके हैं। लेकिन, मार खाने वाले छात्र इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।
सूत्रों के मुताबिक एम्स प्रशासन अपने चहेते छात्रों को बचाने में जुट गया है। यही वजह है कि कम छात्रों पर कार्रवाई की गई है। जबकि, दो गुटों के बीच हुए विवाद में 30 से अधिक छात्र शामिल थे। इसके बाद भी केवल आठ छात्र ही निलंबित किए गए। इसे लेकर मार खाने वाले गुट के छात्र काफी नाराज हैं।
हर तीन माह में बदल दी जाती है कि मेस चलाने की जिम्मेदारी
बताया जा रहा है कि यह विवाद नया नहीं है। इसे लेकर पिछले आठ माह से रणनीति तैयार की जा रही थी। क्योंकि, एक गुट के छात्रों को मेस चलाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसकी वजह से दूसरे गुट के छात्रों में नाराजगी है। वहीं, दूसरी ओर इस मामले में निलंबित छात्रों में दो एम्स प्रशासन के फैसले के खिलाफ न्यायालय की शरण में जाने का मन बना रहे हैं।
एम्स के हॉस्टल में मेस चलाने की जिम्मेदारी पिछले एक साल से छात्रों के हाथों में है। यह जिम्मेदारी हर तीन माह में बदल दी जाती है। लेकिन, इस बार जिस गुट को यह जिम्मेदारी मिली थी, उसका कार्यकाल खत्म हो रहा था, लेकिन वह दूसरे गुट को जिम्मेदारी सौंपना नहीं चाह रहा था। इस पर दूसरा गुट काफी नाराज था। क्योंकि, संचालन में तमाम खर्चे काटने के बाद हर महीने मेस में ठीक-ठाक रकम बच जाती है, जिस पर सभी छात्रों की नजर है। यही रकम मारपीट का कारण बनी है। इसी रकम की वजह से दो गुट भी उठ खड़े हुए हैं।
एम्स मीडिया प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि एमबीबीएस छात्रों के बीच मारपीट का मामला संज्ञान में है। मामले में आठ छात्र निलंबित किए जा चुके हैं। मामले की जांच चल रही है। निलंबित छात्रों की सभी गतिविधियों पर एम्स कैंपस में रोक लगा दी गई है। घायल छात्र एकदम स्वस्थ हैं।