धर्म के आधार पर आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन के दलों पर एक बार फिर हमला बोला है। इस मामले में कांग्रेस का इतिहास दागी बताते हुए तथा समाजवादी पार्टी को तुष्टिकरण की हद पार करने वाली पार्टी करार देते हुए उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण भारतीय संविधान की मूल भावना के विपरीत और पूरी तरह असंवैधानिक कृत्य है। इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म के आधार पर मुस्लिम आरक्षण को अगर थोपने का प्रयास हुआ तो यह देश की अखंडता के लिए चुनौती होगी। सोमवार को लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए घोसी संसदीय क्षेत्र रवाना होने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत की।
इस अवसर पर उन्होंने मुस्लिमों को आरक्षण देने को लेकर विपक्षी दलों में मची होड़ को खतरनाक बताते हुए कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक है। भारत के संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने संविधान सभा में इसका पुरजोर विरोध किया था।
इसके बावजूद कांग्रेस और इंडी गठबंधन के उसके सहयोगी दलों में मुस्लिम आरक्षण देने की होड़ लगी हुई है। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास तो इस मामले में बहुत ही दागी रहा है। केंद्र में यूपीए सरकार के समय कांग्रेस ने 2006 में जस्टिस रंगनाथ मिश्र कमेटी गठित कर आरक्षण में ओबीसी का हिस्सा काट करके मुसलमानों को देने का कुत्सित प्रयास किया था।
इसी तरह कांग्रेस ने जस्टिस राजेंद्र सच्चर की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर कुछ मुस्लिम जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कर अनुसूचित जाति के आरक्षण में सेंध लगाने का घिनौना प्रयास किया था। दोनों ही मामलों में भाजपा और एनडीए ने विरोध किया था।
कर्नाटक में ओबीसी के आरक्षण में कांग्रेस ने लगाई है सेंध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस की जब आंध्र प्रदेश में सरकार थी तो उसने ओबीसी के आरक्षण में से मुसलमानों को आरक्षण दे दिया था। जबकि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार ने मुसलमानों की सभी जातियों को ओबीसी में शामिल कर ओबीसी के आरक्षण में सेंध लगाई है।
पश्चिम बंगाल में उच्च न्यायालय का निर्णय टीएमसी सरकार पर जोरदार तमाचा
सीएम योगी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के अंदर टीएमसी सरकार ने 2010 में 118 मुस्लिम जातियों को ओबीसी में शामिल करके पिछले 14 वर्ष से लगातार ओबीसी के अधिकार में पूरी तरह डकैती डाली है। सीएम योगी ने कहा कि ओबीसी के आरक्षण का लाभ मुस्लिमों को दिए जाने पर कोलकाता उच्च न्यायालय ने जो निर्णय दिया है, वह टीएमसी सरकार के असंवैधानिक कृत्य पर जोरदार तमाचा है।
धार्मिक आधार पर आरक्षण असंवैधानिक है, यह बहुत स्पष्ट कहते हुए कोलकाता उच्च न्यायालय ने सभी मुस्लिम जातियों को ओबीसी आरक्षण से बाहर किया है।
ओबीसी और अनुसूचित जाति के आरक्षण को बांटकर देना चाहते हैं मुसलमानों को
सीएम योगी ने कहा कि इंडी गठबंधन के दल मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए किसी भी हद पर जा सकते हैं। बिहार के अंदर आरजेडी के नेता लालू प्रसाद यादव जी पहले ही बोल चुके हैं की सभी मुसलमानों को आरक्षण मिलना चाहिए। अब यह आरक्षण कहां से मिलेगा, जाहिर सी बात है कि ये लोग ओबीसी, एससी-एसटी के आरक्षण में से बांटकर मुसलमानों को देना चाहते हैं।