अमूमन 14 जनवरी को मनाया जाने वाला मकरसंक्रांति का पर्व इस साल भी 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इसको लेकर गोरखनाथ मंदिर में सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। मकरसंक्रांति पर देश के कोने कोने श्रद्धालु यहां पर आते हैं और गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाते हैं। उनके अलावा नेपाल से भी भारी संख्या में लोग आते हैं। उसके लिए अलग से ट्रेन व बस का संचालन किया जा रहा है।
महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग रास्ते
खिचड़ी चढ़ाने के लिए बेरिकेडिंग कर चार लाइन बना दी गई हैं। दो लाइन महिलाओं तथा दो पुरुषों के लिए हैं। बेरिकेडिंग के हर 20 मीटर पर बीच में बल्ली लगाकर वालंटियर भीड़ को रोकते हैं। आगे के लोग जब मंदिर में प्रवेश कर जाते हैँ तब पीछे के लोगों को छोड़ा जाता है। ऐसा धक्का मुक्की को रोकने के लिए किया जाता हैे।
वीआईपी के लिए बीच में बेरिकेडिंग कर रास्ता बनाया गया है। उस रास्ते से न्यायिक, प्रशासनिक अधिकारी और उनके परिवार तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के जाने की व्यवस्था की गई है।
मंदिर में अंदर जाने के लिए दो-दो द्वार
मंदिर के अंदर जाने के लिए दो प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। एक पुलिस चौकी के पास तथा दूसरा मुख्य द्वार से थोड़ा सौ मीटर आगे है। यह द्वार केवल खिचड़ी के दिन खोला जाता है। निकलने के लिए मुख्य द्वार तथा उत्तर की तरफ एक गेट है इन दोनों रास्ते से लोग मंदिर से बाहर निकल सकेंगे।
सरोवर वाले गेट से जा सकेंगे मेले में
मंदिर में मेला तो चारों तरफ लगा है, दुकानें भी हैं, पर मुख्य मेला जहां पर झूला चर्खी, मौत के कुआं सहित मनोरंजन के अन्य संसाधन मौजूद हैं। वहां जाने के लिए भीम सरोवर के पास एक गेट है, उसको खुला रखा जाएगा।
मंदिर में लगेगा स्वास्थ्य कैंप
मकरसंक्रांति के दिन मंदिर परिसर में स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। इसमें जिला अस्पताल , गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय, दिग्विजयनाथ आयुर्वेदिक चिकित्सालय की टीम मौजूद रहेगी। यदि किसी श्रद्धालु की तबीयत अधिक खराब होगी तो उसे जिला अस्पताल, मेडिकल कालेज या गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय में भर्ती करा दिया जाएगा।
रेल यात्रियों के लिए मेला स्थल पर ही बनेगा टिकट काउंटर
गोरखपुर। बाबा गोरखनाथ मंदिर परिसर में मकर संक्रांति मेला में आ रहे दूर और नजदीक के श्रद्धालुओं को अब लौटते समय ट्रेन टिकट खरीदने के लिए स्टेशन पर लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। रेलवे प्रशासन इन श्रद्धालुओें के लिए गोरखनाथ मंदिर परिसर में ही विशेष अनारक्षित रेलवे टिकट बुकिंग काउंटर खोलेगा। मंदिर परिसर में 13 जनवरी से 16 जनवरी तक अनारक्षित रेलवे टिकट की सुविधा मिलेगी। इस दौरान श्रद्धालुगण मंदिर परिसर स्थित काउंटर से अपने गंतव्य स्टेशन का टिकट खरीद कर रेलवे स्टेशन से सीधे ट्रेन पकड़ कर यात्रा कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नियमित ट्रेनों के अलावा गोरखपुर जंक्शन से 13 से 30 जनवरी तक मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें गोरखपुर-बढ़नी के मध्य और नौतनवा गोरखपुर के मध्य चलाई जाएंगी। इस अवधि में मेला स्पेशल ट्रेेनों का ठहराव रूट पर पड़ने वाले सभी क्रॉसिंग स्टेशनों और हाल्ट पर रहेगा।