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NRC-CAA और हिजाब को लेकर था गुस्सा: सीरिया के युवाओं के संपर्क में था...मुर्तजा को लगता था कि वह होमो सेक्सुअल

Tue, 31 Jan 2023 11:42 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गोरखनाथ मंदिर पर हमले का दोषी अहमद मुर्तजा अब्बासी को एनआरसी, सीएए और हिजाब को लेकर गुस्सा था। यह सब देखकर उसे गुस्सा आ गया और उसने गोरखनाथ मंदिर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमला बोल दिया। उसे लगता था कि वह होमो सेक्सुअल है।
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आतंकी मुर्तजा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखनाथ मंदिर पर हमले का दोषी अहमद मुर्तजा अब्बासी के पास से जांच एजेंसी को एक वीडियो भी मिला था। वीडियो में मुर्तजा कर्नाटक के हिजाब मामले से लेकर एनआरसी, सीएए और दूसरी जगहों पर मुसलमानों के साथ होने वाले कथित अत्याचारों का जिक्र किया था। वह कहता है कि यह सब देखकर उसे गुस्सा आ गया और उसने गोरखनाथ मंदिर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमला बोल दिया। 
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उसने जांच एजेंसियों के अधिकारियों को बताया कि इसके लिए किसी न किसी को तो आगे आना ही होगा। उसने बोला कि मुसलमानों पर होने वाले कथित अत्याचारों को देखकर उसे गुस्सा आता था। वह अपने कट्टरपंथी विचारों से इतना घिरा हुआ नजर आ रहा है कि अपनी बातों के मायने भी समझा रहा है।

मुर्तजा को लगा कि वह होमो सेक्सुअल है। जब ये बातें घरवालों को पता चलीं, तो उन्होंने उसका इलाज कराना शुरू कराया। डॉक्टरों ने इसे हाइपोमेनिया बीमारी बताया। जांच में यह भी सामने आया है कि मुर्तजा, सीरिया के युवाओं के संपर्क में भी था। मुर्तजा अब्बासी को अपनी पढ़ाई का पछतावा होने लगा था। 
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उसको लगने लगा था कि केमिकल साइंस की जगह अगर उसने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की होती तो जिहाद को बढ़ाने में ज्यादा आसानी होती।  मुर्तजा ने जांच एजेंसियों को बताया था कि यही वजह है कि कंप्यूटर कोडिंग को वह बारीकी से सीखने लगा था। इसका भी वह धीरे-धीरे मास्टर हो गया था। 

इसकी मदद से उसने एप बनाने के साथ ही ऐसी ऑनलाइन वेबसाइट को खोजा, जिससे रुपये का आदान-प्रदान करने पर पकड़ में आना तो मुश्किल था ही, साथ ही विदेश में रुपये भेजना भी आसान था। पेपल एप की मदद से वह रुपयों का आदान-प्रदान कर रहा था।

डालर से खरीदा था विदेशी सिम
मुर्तजा ने डालर से विदेशी सिम खरीदा था, जिसका इस्तेमाल वह प्रतिबंधित वेबसाइट्स को सर्च करने में किया करता था। सिम की मदद से ही वह प्रतिबंधित वेबसाइट पर सर्च कर जिहादी वीडियो देखा करता था। मुर्तजा के पास से नेपाली करेंसी के साथ डालर भी मिला है। यह भी सामने आया है कि कई खातों में वह रुपये भेजा करता था।

आईएसआईएस की एक युवती से संपर्क में था मुर्तजा
अहमद मुर्तजा अब्बासी आईएसआईएस कैंप की एक युवती के संपर्क में था। वह युवती से ई-मेल के माध्यम से संपर्क में आया था। पूछताछ में यह भी पता चला था कि मुर्तजा ने युवती के बताए अकाउंट में कई बार रुपये भेजे थे। जांच में इसकी भी पुष्टि हुई थी कि मुर्तजा आईएसआईएस में जाने की तैयारी कर रहा था। युवती ने अपनी फोटो उसे भेजा और भारत आने पर मिलने का वादा किया। मुर्तजा ने युवती की मांग पर उसे 40 हजार रुपये भेजे थे।
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नेपाल सीमा के मदरसों में भी रहा मुर्तजा
अपनी कट्टरपंथी विचारधारा के चलते वह जिहादी मानसिकता का हो गया। इस बीच नेपाल सीमा पर स्थित संदिग्ध मदरसों में जाकर तकरीरें सुनने लगा। उसने मुजाहिद बनने की ठान ली। उसे लगता है कि अल्लाह की राह पर चलने का एक मात्र यही रास्ता है, काफिरों का सफाया।  सोशल मीडियामुर्तजा आतंकी और कट्टरपंथियों के वीडियो देखता और उन्हें फॉलो भी करने लगा। इस बीच तकरीरों को सुनकर वह इंटरनेट के जरिए आईएसआईएस और अंसार गजवा-वा तुल जैसे आतंकी संगठनों के संपर्क में आ गया। साथ ही वह इनसे जुड़े लोगों से मिलने के लिए मुंबई, जामनगर, नेपाल और कोयंबटूर जैसे शहरों के साथ देशभर में घूमने लगा।
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