गोरखपुर के गोलघर को लखनऊ के हजरतगंज की तर्ज पर विकसित करने की योजना व्यापारिक संगठनों की खींचतान में लटक गई है। कभी एक संगठन अपनी अनदेखी का आरोप लगाता है तो कभी दूसरा। संगठनों के विरोध की ही नतीजा है कि अभी तक योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है।
पिछले दिनों महापौर और नगर आयुक्त की मौजूदगी में गोलघर के सुंदरीकरण के मसले पर बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई थी, मगर अब गोलघर व्यापार मंडल ने खुद की अनदेखी का आरोप लगाते हुए नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने सुंदरीकरण कार्य को स्थगित रखने की मांग की है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर 29 जून को नगरायुक्त ने गोलघर के व्यापारी संगठनों के साथ सुंदरीकरण कार्य को लेकर बैठक की थी। इस बैठक में दुकानों के रंग और साइन बोर्ड की साइज आदि को लेकर सहमति भी बन गई थी, मगर गोलघर व्यापार मंडल की तरफ से आपत्ति दर्ज कराते हुए सुंदरीकरण कार्य को स्थगित रखने की मांग की गई है।
मंडल के अध्यक्ष अभिषेक शाही की मौजूदगी में हुई बैठक में इसे लेकर विरोध दर्ज कराया गया है। अध्यक्ष का कहना है कि 29 जून को नगर निगम में हुई कथित बैठक में संगठन को नहीं बुलाया गया। गोलघर मार्केट के सुंदरीकरण को लेकर संगठन की सहभागिता आवश्यक एवं न्यायसंगत है। व्यापारियों का उत्पीड़न और शोषण नहीं होना चाहिए।
बैठक में रवीश मणि त्रिपाठी, गौरी शंकर सरावगी, प्रशांत मणि त्रिपाठी, राजेश चंद कौशिक, संजय जालान, अवनीश शर्मा, विशाल मंझानी आदि की मौजूदगी रही। उधर, व्यापारियों को बैठक में आमंत्रित करने की जिम्मेदारी लेने वाले मनोनीत पार्षद और व्यापारी नेता मदन अग्रहरि का कहना है कि व्यापारी संगठनों की आपत्ति की जानकारी मिली है। सभी की सहमति से इस काम का पूरा कराया जाएगा।
महापौर सीताराम जायसवाल ने बताया कि गोलघर के सुंदरीकरण का काम मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है। इसमें पहले से ही देरी हो चुकी है। सभी की सहमति से सुंदरीकरण का खाका तैयार हुआ है। व्यापारियों की आपत्ति है तो उसे सुना जाएगा और निस्तारित किया जाएगा।
नगर आयुक्त अवनीश सिंह ने बताया कि कुछ संगठनों की तरफ से आपत्ति की जानकारी हुई है। जल्द ही सभी संगठनों से वार्ता कर आपत्तियों का निस्तारण कर लिया जाएगा। यह कार्य मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शुमार है लिहाजा इसमें किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।