जानकार बताते हैं कि अमित, हिंदी बाजार में कोलकाता से अवैध सोना लाकर खपाता था। वह कई बार ऐसा कर चुका है। वह अवैध सोने के कारोबारी और सराफा बाजार स्थित धर्मकांटा वालों के पास सोने की सप्लाई करता था। कारोबारी बिना लिखा-पढी के दुकान से ही एक ग्राम से 100 ग्राम तक कच्चे सोने को बेच देते हैं। धर्मकांटा वाले व्यापारी, सोने की तौल के साथ बाजार में उसे आसानी से खपा देते हैं। ऐसे ही व्यापारियों के यहां अमित के अवैध सोने को खपाने की चर्चा है।
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प्रतिग्राम 100 रुपये उधार पर भी चलता है अवैध कारोबार
सराफा बाजार के सूत्रों ने बताया कि कई लोग अवैध सोना खपाने का काम करते हैं। अवैध कारोबारी अपने यहां मंगाए सोने को उधारी में भी खपाते हैं। जैसे, उधारी पर दो ग्राम से लेकर पांच सौ ग्राम तक सोना दूसरे व्यापारी को दे दिया जाता है। रोजाना प्रतिग्राम 100 रुपये अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है। ये खेल हिंदी बाजार में धड़ल्ले से चल रहा है।
जेल गया अमित, महिला को पूछताछ के बाद छोड़ा गया
गोरखपुर की डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) टीम ने देवरिया रेलवे स्टेशन पर 1.28 करोड़ रुपये के सोने के बिस्किट के साथ पकड़े गए दो तस्करों से पूछताछ के बाद महिला को छोड़ दिया। जबकि, अमित वर्मा को न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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डीआरआई के सूत्रों के मुताबिक सोने की तस्करी करने वाला अमित वर्मा किसी दूसरे नेटवर्क जुड़ा नहीं है। उसका खुद का अपना नेटवर्क है। कोलकाता, पटना, देवरिया और गोरखपुर में उसके कई राजदार हैं। डीआरआई को पूछताछ में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। माना जा रहा है कि अमित से जुड़े लोगों पर अब नजर तेज है। सराफा बाजार में भी यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि वह कब-कब आया है, किससे मिला और सोने के काले कारोबार में उसके साथ कौन लोग शामिल हैं। जल्द ही इस मामले में कुछ लोगों से पूछताछ की जा सकती है।