मकान बनवाने में ही 50 लाख से ज्यादा लग गए। मुआवजा से ज्यादा राहत नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैंने बेटे की शादी बहुत ही मन से तय किया था। अब मकान ही नहीं रहेगा तो शादी कहां से करेंगे। रिश्तेदारों से बात कर रहे हैँ कि शादी को आगे अनिश्चित समय तक टाला जाए। वहीं संगीता यादव का कहना है कि मकान खाली कर दिए हैं लेकिन मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। मकान को खून पसीने की कमाई से सींचा था। अब मकान खाली को कर दिए हैं लेकिन टूटने तक एक बार इसे देखने जरूर आ जाते हैं।
गोड़धोइया नाला निर्माण के दौरान शिवपुर सहबाजगंज स्थित एक घर में दरार आने के बाद घर को खाली करने की नोटिस मिला है। इसके बाद से पूरा परिवार सदमे में है। फरवरी में इसी घर में लड़के की शादी है, परिवार के लोग परेशान हैं कि शादी कैसे करेंगे। अब वे शादी को टालने पर रिश्तेदारों से बातचीत कर रहे हैं।
विज्ञापन
शिवपुर सहबाजगंज निवासी रमाकांत मिश्र बताते हैं कि लगभग दो वर्ष के अंतराल पर नया मकान बना था। तीन मंजिला मकान को काफी मन से बनाया गया। शादी को लेकर अभी इसमें कार्य और करवाया जा रहा था कि रिश्तेदार आएंगे तो उनको घर भी दिखाएंगे। लेकिन इन सब पर पानी फिर गया।
उनका कहना था कि मुआवजा की राशि अभी नहीं मिली है। लेकिन, मुआवजे से राहत नहीं मिलेगी, क्योंकि वह तक सर्किल रेट से मामूली होगा। मकान बनवाने में ही 50 लाख से ज्यादा लग गए। मुआवजा से ज्यादा राहत नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैंने बेटे की शादी बहुत ही मन से तय किया था।
अब मकान ही नहीं रहेगा तो शादी कहां से करेंगे। रिश्तेदारों से बात कर रहे हैँ कि शादी को आगे अनिश्चित समय तक टाला जाए। वहीं संगीता यादव का कहना है कि मकान खाली कर दिए हैं लेकिन मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। मकान को खून पसीने की कमाई से सींचा था। अब मकान खाली को कर दिए हैं लेकिन टूटने तक एक बार इसे देखने जरूर आ जाते हैं। मकान देख आंखों में आंसू आ जाते हैं।
दरक रहे मकान, किराए पर जाने की मजबूरी
गोड़धोइया नाला निर्माण को लेकर शिवपुर सहबाजगंज में अब तक आठ से ज्यादा मकानाें में दरार पड़ गई है। मनोज कुमार शर्मा बताते हैं कि मकान में दरार पड़ गई है। बुधवार काे और भी कई जगहों पर दरार पड़ गई, जिससे अब यहां रहने में डर लग रहा है।
नोटिस तो नहीं मिली है लेकिन दिन- रात का चैन उड़ गया है। वहीं, आकाश मिश्र बताते हैं कि मकान का खाली करने की नोटिस मिली है। धीरे-धीरे इसे खाली कर रहे हैं। रात में नींद नहीं आ रही है। किराए पर मकान खोज रहे हैं। अभी सामान रिश्तेदार के यहां रख रहे हैं।
इस समय की महंगाई के हिसाब से मुआवजा इतना नहीं मिलेगा जिससे इसी तरह जमीन खरीदकर मकान बनवाया जा सके। खून पसीने से सींचे हुए इस मकान को छोड़ने में हमारी आत्मा रो रही है: हरिश्चंद्र मिश्र, शिवपुर सहबाजगंज
हमारी शादी फरवरी में तय है। नया मकान बना था, सुंदरीकरण किया जा रहा था। इसके बाद दरार पड़ने से इसे खाली करने को नोटिस मिली है। काफी पैसा इसमें लगा है, जो नुकसान हो रहा है। अब शादी भी टल रही है: पंकज मिश्र, शिवपुर सहबाजगंज