नए रिपोर्ट के अनुसार निर्माण कार्य में कुछ लोगों की चहारदीवारी तो कुछ लोगों के मकान का एक से दो मीटर का नुकसान होने का अनुमान है। उधर, बृहस्पतिवार को घोषीपुरवा के पास मासूम बाबा के मजार के नजदीक नाले का लेवल जांचने के लिए जल निगम कर्मचारी पहुंचे। लोगों के पूछने पर बताया कि नाला के किनारे सीवर लाइन का काम होगा। इसलिए जमीन का सर्वे किया जा रहा है।
नए सिरे से सर्वे कराए जाने के लिए रजिस्ट्री का काम प्रशासन ने रोक दिया था। इसके पहले कुल 52 लोगों ने अपने मकानों की रजिस्ट्री प्रशासन के पक्ष में करा दी है। ऐसे लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि इन लोगों ने मुआवजे की रकम लेकर कहीं और जमीन ले लिया है।
इन्हें यह डर का था कि कहीं उनकी जमीन या मकान अधिग्रहण की जद से बाहर हो जाए तो मुआवजे की रकम वापस न मांगी जाए। लेकिन, प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि ऐसे लोगों से मुआवजे की रकम वापस नहीं ली जाएगी, लेकिन मकान और जमीन पर मालिकाना हक व कब्जा प्रशासन का ही रहेगा। जंगल तुलसीराम बिछिया में रहने वाले सुधीर ने प्रशासन से मिले रुपये से तारामंडल में 70 लाख का मकान खरीद लिया है। उन्हें अधिग्रहण के बदले 88 लाख रुपये मिले थे। इसी तरह से अन्य लोगाें ने रुपये लेकर दूसरी जगह पर जमीन और मकान का इंतजाम कर लिया है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा कि लखनऊ से आई टीम ने नए सिरे से रिपोर्ट दी है। नाला की चौड़ाई शुरूआत में 10 मीटर और अंतिम सिरे पर 20 मीटर रखी गई है। इससे बहुत सारे लोगों के मकान सुरक्षित रहेंगे। जल्द ही नाला का काम शुरू कराया जाएगा।