गोड़धोइया नाला के जीर्णोद्धार से न सिर्फ शहर के कई इलाकों को जलभराव से मुक्ति मिलेगी बल्कि जाम से भी छुटकारा मिलेगा। दरअसल मेडिकल कॉलेज के पास से रामगढ़ ताल तक करीब 9.7 किलोमीटर लंबे बनने वाले गोड़धोइया नाला के दोनों ओर पांच मीटर चौड़ी सड़क भी बनाई जाएगी। इससे मेडिकल कॉलेज की ओर से मोहद्दीपुर, पैडलेगंज की तरफ आना-जाना आसान हो जाएगा।
जलनिगम द्वारा तैयार की गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार मेडिकल कॉलेज की तरफ नाले की चौड़ाई 11 मीटर तो रामगढ़ ताल की तरफ 32.5 मीटर होगी। इसके बाद सर्विस लेन बनाई जाएगी। वहीं जलनिगम नाले के दोनों ओर ऊंची फेंसिंग भी लगाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति कूड़ा न फेंक सके। इस नाले के बनने से मेडिकल कॉलेज, चंद्रगुप्त कॉलोनी, बशारतपुर, राप्ती नगर, फातिमा अस्पताल आदि क्षेत्रों में जलभराव की समस्या दूर हो जाएगी।
38 एमएलडी क्षमता के एसटीपी से पानी भी होगा साफ
गोड़धोइया नाले के पानी को साफ करने के लिए नाले के दोनों तरफ सीवरेज लाइन डाली जाएगी। रामगढ़ ताल की तरफ 38 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता का एसटीपी 44,300 घरों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करेगा। इसके बाद रामगढ़ ताल में साफ पानी गिरेगा।
मुआवजा पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान
सामान्य तौर पर किए गए सर्वे के अनुसार गोड़धोइया नाला के निर्माण के दायरे में करीब 800 घर आ रहे हैं। इन मकानों के मालिकों को मुआवजे के तौर पर करीब 600 करोड़ रुपये दिए जाने की संभावना है। इसमें अधिकांश रकम शासन की ओर से दी जा रही है। लेकिन इसमें एक पेंच भी है। जिन लोगों ने नाले के प्राकृतिक स्वरूप को खंडित कर अतिक्रमण किया है, उन्हें मुआवजा दूसरी तरह से दिया जाएगा।
जलनिगम अधिशासी अभियंता रतनसेन सिंह ने कहा कि कैबिनेट ने गोड़धोइया नाले के निर्माण को मंजूरी दे दी है। सामान्य स्थिति में नाले के निर्माण के लिए 18 महीने का समय निर्धारित किया गया है।