21 जून को जारी इस सर्कुलर के बाद माना जा रहा है कि बोरे की खरीद के लिए एचयूआरएल की तरफ से जारी ग्लोबल टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा। नए सिरे से टेंडर निकाला जाएगा। एचयूआरएल ने गोरखपुर खाद कारखाने के लिए हाल ही में हाई डेंसिटी पॉलिथीन (एचडीपी) यानी उत्कृष्ट श्रेणी वाली प्लॉस्टिक की बोरियों की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया है। इससे खाद कारखाना में बोरे की आपूर्ति को लेकर आशान्वित स्थानीय उद्यमियों को बड़ा झटका लगा था। टेंडर की शर्तों को ज्यादातर स्थानीय उद्यमी पूरा नहीं कर पाते, मगर मंत्रालय से सर्कुलर जारी होने के बाद उनकी उम्मीदें अभी भी बनी हुई हैं।
भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक विभाग के सचिव राजेश कुमार चतुर्वेदी ने अप्रैल में गोरखपुर का दौरा किया था। उसी समय उन्होंने खाद कारखाना में बोरों व मेकेनिकल पार्ट्स आदि की आपूर्ति में गोरखपुर के उद्यमियों को प्राथमिकता दिए जाने का आश्वासन दिया था। अब इस संबंध में मंत्रालय की तरफ से एचयूआरएल के एमडी को पत्र जारी कर बाकायदा दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए। निर्देश में यह भी कहा गया कि शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता की शर्तों को ध्यान में रखकर कारखाने में दी जाने वाली नौकरियों में 50 फीसदी स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
कारखाना परिसर में खुलेगा कौशल विकास केंद्र
खाद कारखाना परिसर में ही कौशल विकास केंद्र खोलने को कहा गया है। इसकी पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। मुख्यमंत्री इसकी घोषणा भी कर चुके हैं। इस केंद्र में युवाओं को खाद कारखानों में काम करने के लिए दक्ष बनाया जाएगा।