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UP News: निरस्त हो सकता है बोरा खरीद का ग्लोबल टेंडर, कारखाने के बाहर खुलेगा रिटेल शॉप

Thu, 23 Jun 2022 11:07 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने खरीद में स्थानीय उद्यमियों को प्राथमिकता देने का सर्कुलर जारी किया। खाद कारखाने में नौकरी में भी 50 फीसदी स्थानीय युवाओं को तरजीह देने की सलाह दी गई। मेकेनिकल पार्ट्स की खरीद में भी स्थानीय उद्यमियों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
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गोरखपुर खाद कारखाना - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बोरा बनाने वाले स्थानीय उद्यमियों और रोजगार की तलाश में जुटे गोरखपुर समेत पूर्वांचल के युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के गोरखपुर खाद कारखाने में यूरिया की पैकिंग के लिए बोरों की खरीद में स्थानीय उद्यमियों को प्राथमिकता मिलेगी।

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यही नहीं, मेकेनिकल पार्ट्स की खरीद में स्थानीय उद्यमियों को तरजीह दी जाएगी। कारखाने की नौकरी में भी 50 फीसदी स्थानीय युवाओं को मौका मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल के मंत्र का हवाला देते हुए रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से इस संबंध में सर्कुलर जारी कर दिया गया है।

 

21 जून को जारी इस सर्कुलर के बाद माना जा रहा है कि बोरे की खरीद के लिए एचयूआरएल  की तरफ से जारी ग्लोबल टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा। नए सिरे से टेंडर निकाला जाएगा। एचयूआरएल ने गोरखपुर खाद कारखाने के लिए हाल ही में  हाई डेंसिटी पॉलिथीन (एचडीपी) यानी उत्कृष्ट श्रेणी वाली प्लॉस्टिक की बोरियों की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया है। इससे खाद कारखाना में बोरे की आपूर्ति को लेकर आशान्वित स्थानीय उद्यमियों को बड़ा झटका लगा था। टेंडर की शर्तों को ज्यादातर स्थानीय उद्यमी पूरा नहीं कर पाते, मगर मंत्रालय से सर्कुलर जारी होने के बाद उनकी उम्मीदें अभी भी बनी हुई हैं।

भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक विभाग के सचिव राजेश कुमार चतुर्वेदी ने अप्रैल में गोरखपुर का दौरा किया था। उसी समय उन्होंने खाद कारखाना में बोरों व मेकेनिकल पार्ट्स आदि की आपूर्ति में गोरखपुर के उद्यमियों को प्राथमिकता दिए जाने का आश्वासन दिया था। अब इस संबंध में मंत्रालय की तरफ से एचयूआरएल के एमडी को पत्र जारी कर बाकायदा दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए। निर्देश में यह भी कहा गया कि शैक्षणिक और  तकनीकी योग्यता की शर्तों को ध्यान में रखकर कारखाने में दी जाने वाली नौकरियों में 50 फीसदी स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।  

कारखाना परिसर में खुलेगा कौशल विकास केंद्र

खाद कारखाना परिसर में ही कौशल विकास केंद्र खोलने को कहा गया है। इसकी पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। मुख्यमंत्री इसकी घोषणा भी कर चुके हैं। इस केंद्र में युवाओं को खाद कारखानों में काम करने के लिए दक्ष बनाया जाएगा।  

 
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कारखाने के बाहर खुलेगा रिटेल शॉप, 100 फिट ऊंचाई पर लहरेगा तिरंगा

खाद कारखाना परिसर के ठीक बाहर किसानों के लिए मॉडल फर्टिलाइजर रिटेल शॉप एमएफआरएस खोला जाए। वहां सोलर पैनल भी लगाया जाए। इसके साथ ही कारखाना परिसर में ही राष्ट्रीय ध्वज के लिए कम से कम 100 फीट ऊंचा पोल लगाने को कहा गया है। 

पुराने कारखाने को भी स्थानीय उद्यमी ही करते थे बोरे की आपूर्ति

सत्तर के दशक में जब खाद कारखाना खुला था, तब गोरखपुर में स्थापित स्थानीय उद्योग ही उसे प्लास्टिक बोरे की सप्लाई करते थे।  पुराने खाद कारखाने के प्रबंधन ने प्लॉस्टिक बैग बनाने वाली जिले की मॉडर्न लैमिनेटर्स कंपनी को अनुपूरक (एंसिलरी) उद्योग का दर्जा दिया था। इस वजह से मॉडर्न लैमिनेटर्स खाद कारखाने को प्लास्टिक के बोरे की सप्लाई करती थी।

गोरखपुर में एचडीपी प्लॉस्टिक बैग बनाने वाली हैं चार फैक्ट्रियां

खाद कारखाने में हर महीने करीब 30 लाख हाई डेंसिटी पॉलिथीन (एचडीपी) यानी उत्कृष्ट श्रेणी वाली प्लास्टिक की बोरियों की आवश्यकता पड़ेगी। गोरखपुर में ऐसी बोरियां बनाने वाली चार फैक्ट्रियां हैं। इनमें प्रियंवदा इंडस्ट्री, एवीआर पेट्रो, माडर्न लेमिनेटर्स और श्रीकृष्णा पॉलीफैब प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। एक और खुलने वाली है।
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