सही तरीके से सही समय पर हाथ धोने की आदत यानि राइट हैंडवॉशिंग हैबिट डायरिया, कोविड, पेट और इंसेफेलाइटिस समेत कई तरह की बीमारियों से बचाव करती है। SUMAN-के विधि से हाथ धुलने से न केवल बीमारियों से बचाव होता है, बल्कि कुपोषण से भी सुरक्षा होती है। गंदे हाथों से खानपान करने से पेट में कृमि संक्रमण हो जाता है और इससे कुपोषण की आशंका ज्यादा होती है।
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि हैंडवॉशिंग के महत्व को देखते हुए मिशन निदेशक ने पत्र भेज कर सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर 15 अक्तूबर को ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे मनाने का निर्देश दिया है।
बताया कि भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में होने वाली 2.3 मिलियन वार्षिक मृत्यु में से 13 से 14 फीसदी डायरिया संबंधित बीमारियों के कारण होती है। अगर सही तरीके से हाथ धुलने की आदत डाली जाए तो इस मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
कहा, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी तो प्रत्येक क्लीनिकल प्रक्रिया के बाद हाथ धुलते हैं, लेकिन समुदाय को व्यक्तिगत कार्यों के बाद भी सही तरीके से हाथ धुलने की आदत डालनी होगी। शौच जाने के बाद, खाना खाने से पहले, आंख, मुंह, नाक, कान अथवा किसी भी चीज को छूने के बाद साबुन से हाथ धुलना आवश्यक है। हाथ धुलने का इंतजाम न हो तो सैनेटाइजर का प्रयोग करना चाहिए। हाथों की स्वच्छता से डायरिया के मामलों में 20 फीसदी तक कमी लाई जा सकती है।
SUMAN-के फार्मूला से धुलें हाथ
स्वस्थ रहने के लिए सुमन-के विधि से 40-60 सेकेंड तक हाथों की सफाई करनी चाहिए। यह विधि कुछ इस प्रकार है।
S: पहले दोनों हथेलियों को सामने से साबुन लगाकर धुलें।
U: हथेलियों को उल्टा कर साफ करें।
M: फिर मुट्ठी की सफाई करें।
A: अंगूठा की सफाई करें।
N: फिर नाखून को रगड़ कर साफ करें।
K: फिर कलाइयों की सफाई करें।