मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर रेलवे स्टेशन से गोरखपुर के साथ देवरिया, बस्ती, संतकबीरनगर, महराजगंज, नेपाल एवं पूर्वी बिहार की जनता भी यात्रा करती है। एयरपोर्ट की तरह प्री-पेड टैक्सी की व्यवस्था कराएं, ई-रिक्शा का पंजीकरण कराकर चलाने की व्यवस्था बनाएं। स्ट्रीट वेंडर को अच्छी सुविधाएं दें। उन्हें स्थान चिन्हित कर जगह उपलब्ध कराएं।
उन्होंने निर्देश दिया कि रेलवे के वाशिंग पिट से निकलने वाले गंदे पानी को शुद्ध करने के लिए रेलवे एसटीपी लगवाए। नगर निगम जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर ढंग से करे।
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इस अवसर पर एडीजी अखिल कुमार, कमिश्नर रवि कुमार एनजी, आईजी जे रविन्द्र गौड, जिलाधिकारी कृष्णा करूणेश, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य इंजीनियर रंजन यादव, डीआरएम लखनऊ आदित्य कुमार, सचिव/महाप्रबन्धक डीके खरे, सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि रेलवे स्टेशन एवं आसपास के क्षेत्रों में नशा करने वाले लोगों को चिन्हित करके पुनर्वास केंद्र भेजें। उनके जीवन में बदलाव लाने का प्रयास करें। स्टेशनों पर दिव्यागजनों एवं बुजुर्गों के लिए सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
एयरपोर्ट की तर्ज पर मिलेंगी सुविधाएं
मुख्य परियोजना प्रबंधक, गति शक्ति राघवेंद्र कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट की तर्ज पर रेलवे स्टेशन पर एयर कनकोर्स के साथ मल्टी लेवल पार्किंग, फूड प्लाजा, शापिंग माल, होटल, अस्पताल, आने एवं जाने वाले यात्रियों के आवागमन के लिए अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेशन को बस स्टैंड एवं भविष्य में बनने वाले मेट्रो स्टेशन के साथ जोड़ने का प्रस्ताव है।