एसएसपी ने बताया कि कलह बढ़ने पर पति और पत्नी ने मुन्ना की हत्या की साजिश रची। इस पर सीता ने 12 दिसंबर को मुन्ना को अपने घर पीपीगंज के बेलघाट में बुलाया। पहले से तय प्लान के तहत राहुल ने उसे शराब पिलाई और पूरी तरह से उसे नशे में कर दिया। इसके बाद सिर पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद 12 दिसंबर की रात में शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
13 दिसंबर को दिन में शव फेंकने के लिए सुनसान स्थान की रेकी की। इस दौरान 24 घंटे तक मुन्ना का शव उनके घर में ही पड़ा रहा। 13 दिसंबर की देर रात बोरे में शव को भर कर घर से सात किलोमीटर दूर ले जाकर बंधे के किनारे फेंक आए। वहीं, मुन्ना का मोबाइल, जूता पन्नी में बांधकर सिसई घाट से राप्ती नदी में फेंक दिया।