गोरखपुर जिले में रामगढ़ ताल समेत शहर के विभिन्न इलाकों में छेड़छाड़ की घटनाओं के अलावा दुष्कर्म के मामले आ रहे हैं। गीडा से शहर की तरफ आने के दौरान छात्राओं को अक्सर ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। वहीं, पिछले कुछ दिनों में शहर में सामूहिक दुष्कर्म के मामले भी सामने आए हैं। इन सब घटनाओं की वजह से छात्राओं के मन में डर का माहौल पैदा हो गया है। उनकी अपेक्षा है कि सरकार ऐसे मामलों के लिए ठोस कदम उठाए और इस तरह का सुरक्षित माहौल बनाए कि महिलाएं और लड़कियां बेखौफ होकर रात में भी बाहर निकल सकें। इस मसले पर छात्राओं ने अपनी राय साझा की।
- शहर में आए दिन छेड़खानी की घटनाएं हो रही हैं। रामगढ़ ताल में भी ऐसी घटना हुई है। यह बहुत चिंता का विषय है। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि हेल्पलाइन पर कॉल आने पर पुलिस इन सब मामलों में त्वरित कार्रवाई करे। - प्रगति पांडेय
- इस तरह की घटनाओं पर रोकथाम के लिए कानून व्यवस्था के और सख्त करने की आवश्यकता है। इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों के मन में जब तक डर पैदा नहीं होगा तब तक रोकथाम संभव नहीं है। - इशिता मिश्रा।
- सड़क किनारे शराब पीने वाले लोग अक्सर भद्दे-भद्दे कमेंट करते हैं। पुलिस को चाहिए कि ऐसे इलाकों में ज्यादा सजग रहे और सख्ती से इन पर लगाम लगाए। क्षेत्र में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़नी चाहिए। - जान्हवी श्रीवास्तव।
- गीडा से गोरखपुर शहर जाने के दौरान छात्राओं को ऑटो में काफी असहजता वाली स्थिति का सामना करना पड़ता है। पुलिस को इस रूट पर गश्त बढ़ानी चाहिए। ऑटो वालों की भी लगातार चेकिंग होनी चाहिए। - नौशिन अरशद।
- अगर शहर में छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं तो इसके लिए पूरी तरह से कानून व्यवस्था जिम्मेदार है। इसमें सुधार की आवश्यकता है। सीसीटीवी की संख्या बढ़ाने के साथ पुलिस को और सक्रिय होने की आवश्यकता है। - शिवांगी सिंह।
- गीडा से गोरखपुर चलने वाले ऑटो चालकों में से कई शराब पीकर ऑटो चलाते हैं। कई बार असहज की स्थिति हो जाती है। शाम पांच-छह बजे के बाद गाड़ियां कम मिलती हैं। ऐसे में इस रूट पर ज्यादा पुलिसिंग की जरूरत है।- मुस्कान विश्वकर्मा।
- अब शहर में अकेले घूमने में काफी डर लगता है। ऐसे में मां-पिता भी अक्सर इसके लिए मना करते हैं। पुलिस को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि लड़कियां बेखौफ होकर कहीं भी आ जा सके। - आयुषि गुप्ता।
- इलाज से बेहतर बचाव होता है। यानी इस तरह की घटनाएं हो ही न, इसके लिए पुलिस को और सख्त बनना पड़ेगा। शिकायती नंबर का रिस्पांस तत्काल हो। तभी इसमें शामिल लोग पकड़ में आएंगे।- रागिनी विश्वकर्मा।