शुक्रवार को श्यामदेउरवां पुलिस दिन भर भटहट कस्बे में रहकर घरों और दुकानों के सामने लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालती रही। भटहट में जिस अस्पताल के बाहर युवती को फेंककर आरोपी भागे थे उसका सीसीटीवी कैमरा खराब मिला है। अब पुलिस उस रास्ते और आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है, ताकि कोई सुराग हाथ लग सके।
पुलिस को चश्मदीद से मिला युवती के दोस्त का नंबर
अपहर्ता के मोबाइल फोन से पुरुष दोस्त को फोन करने की बात पुलिस को घटना के चश्मदीद संतोष कुमार जायसवाल से पता चली है। पीड़िता जहां पर मिली थी संतोष वहीं पर मौजूद थे। उन्होंने ने ही पीड़िता से नंबर पूछकर उसके रिश्तेदार को फोन किया था। संतोष से यह जानकारी मिलने के बाद श्यामदेउरवा पुलिस ने पीड़िता के पुरुष साथी के मोबाइल फोन से अपहर्ता का नंबर हासिल कर लिया है। मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल और टावर की लोकेशन की मदद से पुलिस अपहर्ताओं की तलाश में जुट गई है।
पुलिस भले ही पहले दिन से युवती के मानसिक रूप से कमजोर होने की बात कह रही है, लेकिन मेडिकल के तौर पर अभी तक इसका कोई साक्ष्य नहीं मिला है। युवती के घरवाले भी अभी तक कोई ऐसी पर्ची नहीं दिखा सके हैं, जिससे यह साबित हो सके कि युवती मानसिक रूप से कमजोर है।
यही वजह है कि अब पुलिस ने युवती की मानसिक स्थिति की जांच कराने का फैसला लिया है। इसके अलावा मंगलवार सुबह युवती ने जिस तरह से पुलिस और चश्मदीद से बातचीत की थी उससे भी नहीं लगता कि उसकी मानसिक स्थिति कमजोर है। इसके अलावा भी कई ऐसे तथ्य हैं जो युवती के मानसिक रोगी होने पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।
मसलन, अगर युवती मानसिक रोगी है तो घरवाले डॉक्टर की पुरानी पर्ची क्यों नहीं दिखा पा रहे हैं? यदि युवती मानसिक रूप से कमजोर है तो उसे अपनी सहेली के दोस्त और अपने घर का नंबर कैसे याद था? यदि वह मानसिक रोगी है तो घटना के बारे में पूरी जानकारी पुलिस को कैसे दे रही थी?