कैंपियरगंज इलाके के खड़खड़िया गांव के गोड़ियान टोले पर बृहस्पतिवार की देर रात करीब एक बजे झोपड़ी में अचानक आग लग गई। आग में 12 साल की सीमा जिंदा जल गई। बेटी को बचाने में पिता सुदामा भी गंभीर रूप से झुलस गए, लेकिन वह बेटी को बचा नहीं पाए। आग से सुदामा की 20 बकरियों की भी मौत हो गई। वहीं एक भैंस सहित दो जानवर भी झुलस गए हैं।
जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार की रात भोजन के बाद सुदामा का परिवार सो रहा था। भैंस के बगल में रखे गए धुईहरा (मच्छर भगाने के लिए पशुओं के पास सुलगाने वाली आग) से गोशाला की झोपड़ी में आग लग गई। जब तक लोगों को पता चलता, तब तक आग ने सुदामा की रिहायशी झोपड़ी को गिरफ्त में ले लिया।
उसी झोपड़ी में सुदामा की बेटी सीमा सो रही थी। सुदामा ने बेटी को बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बेटी जिंदा ही जल गई। बाद में शव को बरामद किया गया, फिर अंतिम संस्कार हुआ।
ग्राम प्रधान नटवर सहानी की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी से आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने सुदामा को अस्पताल में भर्ती कराया और सीमा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आग में सुदामा के घर का सारा सामान भी जल गया।