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नर्सिंग की ट्रेनिंग के दौरान दो सहेलियों में हुआ झगड़ा, बदला लेने के लिए युवती ने की ये शर्मनाक हरकत

Mon, 16 Mar 2020 08:46 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर

सार

  • फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर आपत्तिजनक तस्वीर वायरल की
  • नर्सिंग की ट्रेनिंग के दौरान झगड़े के बाद सहेली को बदनाम करने के लिए किया जुर्म
  • सहेली और उसके परिचित युवक की तस्वीर को किया था वायरल
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gorakhpur Crime - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नर्सिंग की ट्रेनिंग के दौरान सहेली से झगड़ा होने पर युवती ने उसे बदनाम करने के लिए फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी और उसके परिचित युवक की आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट कर दी। शिकायत के बाद पुलिस ने तारामंडल क्षेत्र से आरोपित ज्योति को गिरफ्तार कर लिया।

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वह मूल रूप से सिद्धार्थनगर के महुलानी गांव की रहने वाली है। पुलिस ने उसके पास से पोस्ट करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम को बरामद कर लिया है।

सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि तारामंडल क्षेत्र में एक नर्सिंग होम में कार्यरत लैब टेक्नीशियन ने एसएसपी को पत्र देकर शिकायत की थी कि कोई उनकी तस्वीर लगाकर उनके नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर एक युवती के साथ फोटो वायरल कर रहा है।
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शिकायत के कुछ दिनों के बाद एक युवती भी एसएसपी से मिलने पहुंची। उसने बताया कि वह नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। पिछले साल जुलाई में वह नर्सिंग होम में तीन माह की ट्रेनिंग करने गई थी।

फोटो वायरल होने से चली गई युवक की नौकरी

वहां काम करने वाले युवक के साथ उसकी फोटो वायरल करके शादी कराने की अपील की जा रही है। दोनों मामले सामने आने पर एसएसपी ने इसकी जांच साइबर टीम के शशिशंकर राय और शशिकांत जायसवाल को सौंपी। वहीं कैंट पुलिस भी केस दर्ज कर जांच में जुट गई।

जांच में पता चला कि युवती के साथ पढ़ाई करने वाली ज्योति ने यह हरकत की है। युवती से झगड़ा होने पर बदला लेने के लिए उसने फर्जी आईडी बनाकर ऐसा किया था। इंस्पेक्टर विवेक कुमार, महिला दरोगा राजकुमारी देवी, सिपाही नीतू नाविक, अवधेश कुमार पांडेय और प्रियंका वर्मा ने ज्योति को गिरफ्तार किया।

सोशल मीडिया पर युवती के साथ फोटो वायरल होने से युवक की नौकरी चली गई। नर्सिंग होम के जिम्मेदारों ने उसे लैब टेक्नीशियन के पद से हटा दिया। उधर पीड़ित युवती की ट्रेनिंग भी रोक दी गई। दूसरी ओर पकड़े जाने के बाद आरोपित युवती अपनी गलती स्वीकार कर पुलिस से माफी मांगने लगी। हालांकि पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्ती बरती।
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साइबर क्राइम के मामले में पहली बार युवती पकड़ी गई

यह पहली बार है जब जिले में किसी साइबर क्राइम के मामले में युवती गिरफ्तार हुई है। इससे पहले जिले में युवक ही गिरफ्तार होते रहे हैं। पुलिस ने युवती पर छल करने और 66 डी आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। अपराध साबित होने पर छल करने यानी धारा 419 में तीन वर्ष की कैद के साथ अर्थदंड भी लगाया जा सकता है। वहीं आईटी एक्ट की धारा 66 डी में भी तीन वर्ष की कैद की सजा और अर्थदंड का प्रावधान है।
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