लॉकडाउन के नियमों का पालन करने के साथ ही सोमवार से गीडा की 50 से ज्यादा फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू हो सकता है। कमिश्नर जयंत नार्लिकर के साथ चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के साथ चर्चा में यह उम्मीद जगी है।
शनिवार को देर शाम कमिश्नर ने अपने आवास पर चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उद्यमियों ने दूर-दराज से आने वाले मजदूरों और कर्मचारियों के आने को लेकर अपनी दिक्कत बताई। इसके बाद कमिश्नर ने कहा कि उपायुक्त उद्योग व एडीएम एफआर से संपर्क कर पास संबंधी दिक्क्तों को दूर करेंगे।
प्रदेश सरकार का जोर है कि स्टील, रिफाइनरी, सीमेंट, रसायन, खाद, वस्त्र, फाउंड्रीज, पेपर, टायर, सीईटीपी और चीनी मिल में उत्पादन शुरू हो जाए। वहीं गीडा प्रशासन स्टील, केमिकल, वस्त्र, फ्लोर मिल, चीनी मिल और मेडिकल उत्पाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को संचालित करने पर जोर दे रहा है।
बैठक में चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की तरफ से पहुंचे सचिव प्रवीण मोदी और उद्यमी आकाश जालान ने दूर-दराज से मजदूरों और कर्मचारियों को बुलाने की समस्या की जानकारी दी। इसके बाद कमिश्नर ने गाड़ियों के लिए पास जारी करने संबंधी निर्देश जारी किया। वहीं उद्यमियों ने कहा कि प्रशासन सुविधा दे तो सोमवार से करीब 50 फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू हो सकता है।
चेंबर के महासचिव प्रवीन मोदी ने बताया कि कमिश्नर ने सकारात्मक बातें कहीं हैं। उद्यमियों को सहयोग मिला तो सोमवार तक 50 फैक्ट्रियां चालू हो जाएंगी। बैठक में सीईओ गीडा संजीव रंजन, उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।