कोरोना संक्रमण की वजह से दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा आदि प्रांतों से नौकरी छोड़कर आए मजदूरों के लिए राहत भरी खबर है। अगर वे चाहें तो जॉब कार्ड बनवाकर मनरेगा के तहत काम पा सकते हैं। भुगतान भी समय पर होगा।
सीडीओ हर्षिता माथुर ने मनरेगा के तहत 20 अप्रैल से गांव में सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन करते हुए काम शुरू कराए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि कोई भी जरूरतमंद अगर काम करना चाहता है तो उसका जॉब कार्ड बनवाया जाएगा। क्वारंटीन किए गए बाहर से आए लोगों को विशेष प्राथमिकता दी जाए।
दरअसल घरों और क्वारंटीन सेंटर में क्वारंटीन किए गए बाहर से आए करीब 14 हजार लोगों में से ज्यादातर मजदूर है जो अलग-अलग प्रांतों से लॉकडाउन के चलते काम-धंधा छोड़कर आए हैं और अभी आने वाले दो तीन महीने तक इनके लौटकर जाने की उम्मीद भी कम है।
डीसी मनरेगा उमेश तिवारी ने बताया कि जो भी जरूरतमंद होगा, सभी के जॉब कार्ड बनाए जाएंगे। केंद्र व प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार 20 अप्रैल से मनरेगा के तहत काम शुरू करा दिए जाएंगे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। कार्य स्थल पर मास्क एवं हाथ धोने के लिए साबुन-पानी का इंतजाम रहेगा।
ये काम कराए जा सकेंगे
20 अप्रैल से लॉकडाउन की अवधि तक सिंचाई एवं जल संरक्षण तथा व्यक्तिगत लाभार्थी से संबंधित कार्यो को प्राथमिकता दी जाएगी। मसलन सामुदायिक कूपों का निर्माण, चेकडैम एवं फार्म पांड, जल संचयन स्ट्रक्चर, तालाबों की सिल्ट सफाई, वृक्षारोपण संबंधी मिट्टी का काम, चारागाह विकास से संबंधित काम किए जा सकेंगे।
ऐसे कार्यो को वरीयता दी जाएगी जिसमें ज्यादा से ज्यादा स्थायी परिसम्पत्तियों का सृजन करते हुए रोजगार के ज्यादा अवसर मिलें। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, शौचालय आदि के कार्य भी कराए जाएंगे।
जिले में 2019-20 में मानव दिवस सृजित हुए: 4287773
जिले में 2019-20 में मनरेगा से भुगतान: 100 करोड़
पीएम आवास, मल्टी लेवल पार्किंग का काम भी शुरू हो सकेगा
जीडीए कार्यालय भी सोमवार से खुलेंगे। इस दौरान जिन परियोजनाओं के कार्यस्थल पर मजदूर मौजूद हैं, वहां निर्माण कार्य शुरू होंगे। मल्टीलेवल पार्किंग और पीएम आवास के भी काम शुरू हो सकेंगे।
सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि लंबित मानचित्र वैसे काफी कम हैं, लेकिन जो बचे हैं, उन्हें स्वीकृति दी जाएगी। कई शिकायतें लंबित हैं। उनका निस्तारण किया जाना है। जहां मजदूर हैं, वहां निर्माण कार्य सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन के साथ शुरू कराए जाएंगे।