पूर्वांचल इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस गीडा का निरीक्षण करते डीएम और एसएसपी।
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शासन की ओर से लॉकडाउन के दौरान उद्योगों के संचालन के लिए कुछ ढील देने पर गीडा की फैक्ट्रियों में इसका नाजायज फायदा उठाया जाने लगा है। गीडा प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में कई फैक्ट्रियों में कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए शासन की गाइडलाइन का उल्लंघन होते हुए मिला।
इसके बाद गीडा सीईओ ने सभी को नोटिस जारी करते हुए फिर से मानक का उल्लंघन पाए जाने पर संचालन पर रोक लगाने की चेतावनी दी है। बीते दिनों कमिश्नर के साथ चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों की बैठक में शासन के दिशा निर्देश का पालन करते हुए उद्योगों के संचालन पर सहमति बनी थी।
गीडा सीईओ और उपायुक्त उद्योग को अलग अलग इंडस्ट्रियल एरिया के उद्योगों के संचालन के लिए अनुमति देने का अधिकार दिया गया। इसके बाद 80 से ज्यादा उद्योग संचालित होने लगे। गीडा सीईओ ने अधिकारियों को गाइडलाइन का पालन संबंधी जांच की जिम्मेदारी दी गई।
टीम ने मेसर्स टेक्नो फीड्स इंडिया, मेसर्स लक्ष्मीना पैकेजिंग, मेसर्स शाहू शिविंग मशीन कंपनी और मेसर्स शांति पेंट प्राइवेट लिमिटेड की जांच की। किसी फैक्ट्री में मानक से ज्यादा श्रमिक काम करते हुए मिले तो किसी में सैनिटाइजिंग की कोई व्यवस्था नहीं मिली।
गीडा प्रशासन की ओर से जारी किए गए पास
गोरखपुर। गीडा प्रशासन की ओर से अब तक 87 फैक्ट्रियों के संचालन की अनुमति दी जा चुकी है। गीडा के संपत्ति सिविल संजय तिवारी ने बताया कि फैक्ट्रियों तक आने जाने के लिए 91 वाहन पास और 131 व्यक्तिगत पास जारी किए गए हैं।