गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा रोके गए सत्र 2019-20 के प्री पीएचडी के विद्यार्थी परीक्षा दे सकेंगे। हाईकोर्ट ने चार विद्यार्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए 30 अप्रैल को आयोजित परीक्षा में उन्हें शामिल करने का आदेश दिया है। हालांकि उनका परिणाम कोर्ट के आदेश के बाद जारी होगा।
गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 17 नामजद के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। उस मामले में वे फाइनल रिपोर्ट लगने के बाद बरी हो गए हैं। दीप्ति राय और 73 अन्य द्वारा इस मामले में परीक्षा कराए जाने को लेकर हाईकोर्ट में अपील की गई थी।
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इस पर कोर्ट ने उनकी परीक्षा 30 अप्रैल तक कराए जाने का आदेश डीडीयू प्रशासन को दिया था। इस बीच कमल कांत राव व तीन अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए 28 अप्रैल को हाईकोर्ट ने इन चारों को परीक्षा में शामिल किए जाने का आदेश दिया है। इसकी अगली सुनवाई 15 मई को होगी।
फॉर्म भरने के लिए आज अंतिम मौका
30 अप्रैल को परीक्षा है, लेकिन शुक्रवार रात 8 बजे तक उनका ऑनलाइन आवेदन का फॉर्म नहीं खुल रहा है। कुल 17 में से 16 विद्यार्थी सत्र 2019-20 के हैं। विद्यार्थियों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को भी परीक्षा नियंत्रक और मुख्य नियंता कार्यालय के चक्कर लगाता रहा। हालांकि इस दौरान उन्हें आश्वासन मिला।