कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मरीजों की संख्या देशभर में बढ़ती जा रही है। गोरखपुर जिले में 64 दिन बाद कोरोना का एक मरीज मिल चुका है। मरीज का नमूना जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भी भेज दिया गया है। इन सबके बीच सीएमओ ने निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि छोटी या बड़ी सर्जरी से पहले सभी मरीजों की कोविड जांच अवश्य कराएं। इससे सही समय पर संक्रमण का पता चलेगा।
जानकारी के मुताबिक, विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर जनवरी और फरवरी के बीच में आने की आशंका जता रहे हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोविड अस्पतालों में बेडों की संख्या बढ़ाई जा रही है। अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट भी लगा दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि कोरोना संक्रमण को रोकने में सबकी सहभागिता जरूरी है।
यही वजह है कि निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी मरीज की छोटी या बड़ी सर्जरी करने से पहले कोरोना जांच जरूर कराएं। बताया कि सरकारी अस्पतालों में कोरोना जांच की जा रही है। बीआरडी में किसी भी ऑपरेशन से पहले कोरोना जांच कराई जा रही है। इसी जांच का नतीजा है कि शनिवार को बिना लक्षण वाले मरीज में कोरोना संक्रमण का पता चल सका। बताया कि एंटीजन के साथ-साथ आरटीपीसीआर जांच भी जरूरी है। क्योंकि कई बार एंटीजन जांच से बिना लक्षण वाले मरीजों में संक्रमण का पता नहीं चल पाता है।
ट्रैवेल हिस्ट्री के आधार पर जांच जरूरी
सीएमओ ने अपील की कि लक्षणों और मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री के आधार पर कोविड जांच जरूरी है। मुंबई, राजस्थान, गुजरात और दूसरे देशों से आने वालों की कोविड जांच जरूर कराएं। ऐसे लोगों पर निगरानी समितियां नजर रखें। अगर बुखार सहित अन्य कोई लक्षण दिख रहे हैं तो तत्काल इसकी सूचना विभाग को दें। विभाग ऐसे लोगों की जांच कराते हुए उन्हें होम आइसोलेशन की सलाह देगा।