दूसरे उपकरण सोलर अल्ट्रावायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप को प्रोफेसर दुर्गेश त्रिपाठी और उनकी टीम ने आईयूसीएए पुणे में निर्मित किया। तीसरे और चौथे उपकरण सोलर लो एनर्जी एक्सरे स्पेक्ट्रोमीटर व हाई एनर्जी एल-वन ऑर्बिटिंग स्पेक्ट्रोमीटर को इसरो की ओर से निर्मित किया गया है।
इसे भी पढ़ें: सीएम योगी ने सुनी समस्याएं, बोले- नहीं होने देंगे किसी के साथ अन्याय
प्रोफेसर दुर्गेश ने बताया कि आदित्य एल-1 में तीन इन-सी टू उपकरण भी हैं। पहला एडवांस सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट पीआरएल अहमदाबाद की ओर से बनाया गया है। प्लाज़्मा एनालाइजर पैक फॉर आदित्य एल-1 और मैग्नेटोमीटर इसरो की ओर से निर्मित है। व्याख्यान के दौरान स्नातक और परास्नातक छात्रों के साथ शोध छात्र तथा शिक्षक उपस्थित रहे।
सोलर अल्ट्रावलेट इमेजिंग टेलीस्कोप करेगा सूर्य का अध्ययन
भारतीय अनुसंधान संगठन (इसरो) दो सितंबर को आदित्य एल 1 के प्रक्षेपण की तैयारी कर रहा है। इस मिशन में प्रो. दुर्गेश व उनकी टीम भी शामिल है। सेटेलाइट में लगे सोलर अल्ट्रावलेट इमेजिंग टेलीस्कोप के माध्यम से इसरो सूर्य का अध्ययन करेगा।