रेल बजट में आम आदमी की सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया है। पहला मौका है, जब जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए रेलवे क्रासिंगों व उससे जुड़ी सड़कों को चौड़ा करने का फैसला हुआ है। इसका लाभ गोरखपुर व आसपास के जिलों को मिलेगा।
इसी तरह तीर्थ स्थल वाले रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट लगाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि बुजुर्ग तीर्थ स्थलों पर ज्यादा जाते हैं। लिहाजा, लिफ्ट की जरूरत महसूस की गई है। गोरखपुर व आसपास रेलवे की 27 क्रासिंग ऐसी हैं जहां आवाजाही के लिए रास्ता बेहद संकरा है। ऐसी सभी क्रासिंग व उससे जुड़ी सड़कों को चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए रेलवे को 15 करोड़ का बजट मिला है।
दरअसल, रेलवे क्रासिंग का निर्माण होने के बाद दो दशक में गाड़ियों की संख्या बढ़ गई है। रेल प्रशासन ने तय किया है कि जिस क्रासिंग पर टोटल व्हीकल यूनिट (टीवीयू) यानी गाड़ियों की आवाजाही प्रतिदिन 50 हजार से ज्यादा है, वहां पर चौड़ाई को बढ़ा दी जाए। ये सभी रेलवे क्रासिंग गोरखपुर से लखनऊ, सीतापुर, आनंदनगर रूट पर हैं।
अंडरपास निर्माण के लिए मिले तीन करोड़
ऐसी क्रासिंग को स्पेशल क्लास में चुना गया है। क्रासिंग के दोनों ओर की सड़क को ठीक कराने के साथ ही पटरियों के बीच गुणवत्ता युक्त इंटर लॉकिंग कराई जाएगी। इसी तरह तीर्थ स्थलों से जुड़े स्टेशनों पर लिफ्ट लगेगी, ताकि दिव्यांग, बुजुर्गों और दर्शनार्थियों को दिक्कत न हो सके। इसके लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
रेलवे अंडरपास बनाने के लिए तीन करोड़ रुपये मिले हैं। यह अंडरपास गोरखपुर-नौतनवां, मनकापुर-अयोध्या व बुढ़वल-सीतापुर क्रासिंग पर बनेगा। रेल प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। अंडरपास बनने से आसपास इलाके के लोगों को काफी सहूलियत होगी। ट्रेनों के संचलन में आसानी होगी।
गोरखपुर में 20 एलएचबी कोच की होगी मरम्मत
गोरखपुर रेलवे वर्कशॉप में प्रति माह 20 एलएचबी कोच की मरम्मत इस साल शुरू हो जाएगी। वर्कशॉप में शेड निर्माण के लिए आठ करोड़ रुपये मिले हैं। एचएचबी कोच की मरम्मत के लिए एक निश्चित अवधि निर्धारित होती है। अभी यहां व्यवस्था नहीं होने से लखनऊ या बिहार में मरम्मत करानी पड़ती है। वर्कशॉप में शेड तैयार हो जाने से गोरखपुर से छपरा और लखनऊ तक संचालित होने वाली ट्रेनों के कोच की मरम्मत होने लगेगी।
रेलवे में 501 चौकीदारों की तैनाती का रास्ता साफ
पूर्वोत्तर रेलवे में जल्द ही रोजगार के अवसर सृजित होने वाले हैं। तीनों मंडलों में 501 चौकीदारों की तैनाती की जाएगी। यह तैनाती उन रेलवे क्रासिंग पर होगी जहां अभी चौकीदार नहीं हैं। लखनऊ मंडल में 172, वाराणसी में 231 और इज्जतनगर में 98 चौकीदार रखे जाएंगे। इसके लिए बजट मिल गया है। लखनऊ मंडल को छह करोड़, वाराणसी मंडल को 40 लाख तथा इज्जतनगर मंडल के लिए एक करोड़ रुपये मिले हैं। जल्द ही चौकीदार रखने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।