गीता प्रेस से रंगीन धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन शुरू होने के बाद से लोग इसके कायल हो गए हैं। लोगों की पसंद का अंदाजा इसी बात से लगाई जा सकता है कि सिर्फ डेढ़ वर्षों में ही गीता प्रेस ने करीब 1.75 लाख रंगीन पुस्तकों की बिक्री कर ली है। खासतौर पर बुजुर्गों का रंगीन पुस्तकों की तरफ विशेष रुझान है।
गीता प्रेस प्रबंधन, पुस्तकों को लेकर नए-नए प्रयोग करते रहता है। साल 2021 में गीता प्रेस ने जापान से कलर प्रिंटिंग मशीन कोमोरी मंगाई। यह अबतक की सबसे आधुनिक कलर प्रिंटिंग मशीन है। इस मशीन के आने के बाद गीता प्रेस में आर्ट पेपर पर रंगीन पुस्तकों के प्रकाशन का सिलसिला शुरू हो गया। अप्रैल 2021 में सबसे पहले श्रीमद्भागवत गीता का प्रकाशन शुरू हुआ।
इस पुस्तक को लोगों ने खूब पसंद किया। श्रीमद्भावगत गीता पहले साधारण कागज पर ब्लैक एंड व्हाइट छपती थी। लोगों की पसंद को देखते हुए गीता प्रेस ने इसके बाद 2022 में दुर्गा सप्तशती और फिर सुंदरकांड का प्रकाशन शुरू किया। इन पुस्तकों को भी लोगों ने हाथों-हाथ लिया।