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लॉकडाउन में गीताप्रेस की किताबों की धूम, जानिए क्यों हो रही इतनी डिमांड

Fri, 17 Apr 2020 12:41 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
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गीता प्रेस। - फोटो : अमर उजाला।
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लॉकडाउन में गीताप्रेस की ऑनलाइन धार्मिक, आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कहानी की किताबों की धूम है। धार्मिक जानकारी बढ़ाने के लिए गीताप्रेस की ऑनलाइन किताबों का सहारा ले रहे हैं। गीताप्रेस के जिम्मेदारों का कहना है कि लॉकडाउन में प्रेस एवं स्टोर बंद होने के कारण लोग ऑनलाइन ही किताबें पढ़ रहे हैं।
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डिजिटलाइजेशन के इस दौर में गीताप्रेस भी पीछे नहीं है। गीताप्रेस ने अपनी दो हजार से अधिक किताबों को ऑनलाइन किया है। ये किताबें ऑनलाइन खरीदी और पढ़ी जा सकती हैं। लॉकडाउन में गीताप्रेस को डिजिटलाइजेशन का लाभ मिल रहा है। बड़ी संख्या में पाठक गीताप्रेस से प्रकाशित होने वाली पुस्तकों को ऑनलाइन पढ़ने के साथ ही इन्हें खरीदने के लिए आर्डर दे रहे हैं।

इन पुस्तकों में श्रीमद्भगवतगीता, श्रीरामचरितमानस, सुंदर कांड, दुर्गा सप्तशती, योग दर्शन, व्रत परिचय, ईशादि के नौ उपनिषद, गीता की तत्वविवेचनी टीका, हनुमान चालीसा आदि धार्मिक पुस्तकों के साथ ही शामिल हैं।
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वहीं बच्चों की भी कहानी की लगभग एक हजार अलग-अलग किताबें गीताप्रेस की वेबसाइट पर मौजूद हैं। इन किताबों में लकड़ी की तलवार, एक शाम जादूगर के साथ, छह अंधे और हाथी, चूहे को मिली पेंसिल, भोजन की थाली, बंदर की मूंछे, तीन नन्हें खरगोश, नीला सियार, बिच्छू और मगरमच्छ आदि शामिल हैं।

गीताप्रेस के उत्पाद प्रबंधक लालमणि तिवारी ने बताया- गीताप्रेस की किताबें ऑनलाइन बिक्री और पढ़ने के लिए प्रेस की वेबसाइट पर मौजूद है। लॉकडाउन में प्रेस बंद होने के कारण ऑनलाइन किताबों की डिमांड काफी बढ़ गई है। ऑनलाइन किताबों के ऑर्डर मिल रहे हैं, लॉकडाउन समाप्त होने के बाद ही किताबों की डिलीवरी हो सकेगी।
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