गोरखपुर विकास प्राधिकरण (फाइल फोटो)।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) अपनी करीब 150 फ्लॉप संपत्तियों की बिक्री के लिए एक मौका और आजमाएगा। प्राधिकरण अपनी ऐसी सभी संपत्तियों की सूची तैयार कर रहा है। हर साल एक अप्रैल से जीडीए की संपत्तियों के रेट में 15 फीसदी का इजाफा हो जाता है। मगर इस बार इन फ्लॉप संपत्तियों के रेट में यह वृद्धि नहीं होगी। अप्रैल में ही जब बाकी संपत्तियों के रेट बढ़ जाएंगे तो प्राधिकरण फ्लॉप संपत्तियों के लिए पंजीकरण शुरू करेगा। इसके बाद भी संपत्तियां नहीं बिकीं तो 22 जनवरी को हुई बोर्ड बैठक में तय की गई कमेटी, इन संपत्तियों के दाम कम कर नया रेट तय करेगी। बोर्ड ने कमेटी में प्राधिकरण के वित्त अधिकारी और अपर निदेशक कोषागार को शामिल किया है।
कमेटी इन संपत्तियों की कीमत फिर से तय कर उसका प्रस्ताव तैयार करेगी जिसे अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद प्राधिकरण संबंधित संपत्तियों के रेट कम करेगा। इसके लिए संबंधित संपत्ति के निर्माण के समय उसकी कीमत के अलावा कितनी बार उसकी नीलामी के प्रयास हुए और पुरानी होने पर उसकी कितनी कीमत होगी आदि का आंकलन करने के बाद नए सिरे से रेट तय किए जाएंगे।
बता दें कि प्राधिकरण अपनी इन फ्लॉप संपत्तियों को बेचने के लिए आठ से 21 बार नीलामी प्रक्रिया अपना चुका है मगर हर बार मायूसी हाथ लगी है। गोलघर स्थित जीडीए टॉवर की 36 संपत्तियों के लिए जहां आठ बार, वहीं विकास नगर की पांच दुकानों की 21 बार नीलामी का प्रयास हो चुका है। इसी तरह राप्तीनगर की 14 और नवीन ट्रांसपोर्टनगर की 16 दुकानों की बिक्री के लिए 17 बार नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
अलोकप्रिय संपत्तियों के रेट में एक अप्रैल से वृद्धि नहीं की जाएगी। इसके बाद भी संपत्तियां नहीं बिकीं तो बोर्ड बैठक में तय की गई कमेटी सर्वे के बाद नए सिरे से रेट निर्धारित करेगी। अगली बोर्ड बैठक में इसे रखा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलते ही नए रेट पर इन संपत्तियों का पंजीकरण शुरू किया जाएगा।
- राम सिंह गौतम, सचिव, जीडीए