गोरखपुर में राप्ती रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने की जिम्मेदारी जीडीए को मिली है। जीडीए ने इसके लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
कंसल्टेंट नियुक्त करने के लिए रिक्वेस्ट फाॅर प्रपोजल (आरएफपी) जारी किया जा चुका है। 30 जनवरी तक इच्छुक फर्में इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। उम्मीद है कि राजघाट से डोमिनगढ़ के बीच इसका विकास किया जा सकता है। इस योजना के तहत जगह-जगह घाट बनाए जाएंगे। पर्यटन की दृष्टि से पार्क आदि भी विकसित किया जाएगा। पर्यावरण को देखते हुए भी व्यवस्था की जाएगी। इसका निर्माण होने के बाद गोरखपुर में पर्यटन की दृष्टि से एक बेहतर गंतव्य लोगों को मिल सकेगा।
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प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि आरएफपी जारी होने के बाद लगभग चार फर्मों की ओर से रुचि दिखाई गई है। 23 जनवरी को प्री बिड मीटिंग भी हो चुकी है। फर्मों की ओर से आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने की अपील की गई है। जीडीए की ओर से डीपीआर तैयार कर सिंचाई विभाग को सौंप दिया जाएगा। निर्माण कार्य सिंचाई विभाग की ओर से कराया जाएगा।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने कहा कि राप्ती रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए जीडीए द्वारा डीपीआर तैयार किया जाएगा। इसके लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। 30 जनवरी तक इच्छुक फर्में आवेदन कर सकती हैं।