जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह का कहना है कि फर्म, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने के साथ ही इसे डंपिंग ग्राउंड तक भी ले जाएगी। साथ ही सड़क पर मैनुअल एवं मशीन से झाडू़ लगाई जाएगी। नालियों की सफाई का जिम्मा भी फर्म के पास होगा।
पौधों की छंटाई व सफाई से लेकर पानी के छिड़काव का काम भी, सफाई का अधिकार पाने वाली फर्म को करना है। घरों से कूड़ा उठाने के लिए लोगों से शुल्क लेने पर मंथन चल रहा है। शुल्क का निर्धारण बोर्ड बैठक में होगा, तब तक फर्म अनुबंध के मुताबिक सफाई करती रहेगी।
नहीं होती थी नियमित सफाई
अभी संसाधन सीमित होने की वजह से जीडीए की कॉलोनियों में नियमित सफाई नहीं हो पाती है। प्राधिकरण ने आउटसोर्सिंग पर कुछ सफाई कर्मचारी रखे हैं जो चार-पांच दिन पर शिफ्टवार इन कॉलोनियों में सफाई करने जाते हैं या फिर शिकायत पर पहुंचते हैं। गोलघर स्थित जीडीए कांप्लेक्स और देवरिया बाईपास किनारे बुद्ध विहार व्यावसायिक में बने कांप्लेक्स में तो कई-कई दिनों तक सफाई ही नहीं हो पाती है।