जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि अर्बन प्लानर इस टीम का नेतृत्व करेंगे। पीएमयू की स्थापना तीन साल के लिए की जाएगी। इसे बाद में दो साल के लिए बढ़ाया जा सकेगा। इसके सदस्यों को प्राधिकरण समय-समय पर बदल भी सकेगा।
पीएमयू की स्थापना से ये लाभ मिलेंगे
पीएमयू, जीडीए की आने वाली ग्रुप हाउसिंग, सांस्थानिक प्रशासनिक भवन, नगर नियोजन आदि परियोजनाओं का विस्तृत सर्वे करेगी। विस्तृत डिजाइन, ड्राइंग एवं टेंडर प्रपत्र भी तैयार करने की जिम्मेदारी इसी यूनिट के पास होगी। इन परियोजनाओं को समय से पूरा कराने में भी सहयोग करेगी।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि परियोजनाओं में नई तकनीक का पूरा इस्तेमाल करने के साथ ही कार्ययोजना बनाने और समय से गुणवत्ता के साथ इसे पूरा करने के लिए पीएमयू की स्थापना की जा रही है। ऐसा करने वाला जीडीए, प्रदेश का पहला प्राधिकरण होगा। आरएफपी जारी कर दी गई है। एक महीने में यूनिट की स्थापना हो जाएगी।