गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से लोकार्पण किए जाने के करीब छह माह बाद ‘नया सवेरा पार्ट-02’ का औपचारिक हस्तांतरण गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय की ओर से विकसित इस परियोजना के हस्तांतरण के बाद अब इसके नियमित संचालन, रख-रखाव और पर्यटकीय विकास की जिम्मेदारी जीडीए के पास आ गई है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास परियोजना के तहत रामगढ़ताल के 1700 मीटर लंबे ताल फ्रंट का सुंदरीकरण किया गया है, जिस पर कुल 35.43 करोड़ रुपये की लागत आई है। इससे पहले 1000 मीटर लंबा ‘नया सवेरा फेज-01’ विकसित किया जा चुका है। अब दोनों फेज को जोड़ने की कवायद तेज होने की उम्मीद है, जिससे रामगढ़ताल का पूरा क्षेत्र एक सुसंगठित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकेगा।
परियोजना में नागरिक सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। पैडेस्ट्रियन ट्रैक, जॉगर ट्रैक, घाट, आकर्षक फाउंटेन, सोलर व डेकोरेटिव लाइटिंग, कैनोपी और भव्य मुख्य प्रवेश द्वार जैसी सुविधाएं इसे आधुनिक स्वरूप प्रदान करती हैं। यह स्थल सुबह-शाम टहलने वालों, युवाओं और सैलानियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हैंडओवर से पूर्व जल निगम के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार के अनुरोध पर अभियंताओं की संयुक्त समिति ने निरीक्षण कर सभी खामियों को दूर कराया।
हस्तांतरण के बाद जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन, सचिव पुष्पराज सिंह और ओएसडी प्रखर उत्तम ने स्थल का निरीक्षण किया। आनंद वर्द्धन ने साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और रख-रखाव के लिए पर्याप्त संसाधन लगाने के निर्देश दिए ताकि यह परियोजना लंबे समय तक जनोपयोगी और आकर्षक बनी रहे।