अब गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों की कीमत थोड़ी कम हो जाएगी। प्राधिकरण ने आवासीय संपत्ति की किस्तों पर लगने वाली ब्याज दर को घटाकर नौ फीसदी और व्यावसायिक संपत्ति की किस्तों की ब्याज दर 11 फीसदी कर दिया है।
पहले यह ब्याज दर आवासीय संपत्ति की किस्तों पर 11 व 15 फीसदी, जबकि व्यावसायिक संपत्ति की किस्तों पर 18 फीसदी थी। जीडीए बोर्ड के निर्णय के बाद इन दरों को लागू कर दिया गया है। यह नई दर दो साल तक के लिए लागू रहेगी। रियल इस्टेट में व्याप्त मंदी और कोरोना काल को देखते हुए प्राधिकरण ने महसूस किया कि संपत्तियों की किस्तों पर पूर्व में लगने वाला ब्याज दर अधिक है। इस मामले को हाल ही में संपन्न हुए जीडीए बोर्ड बैठक में भी रखा गया था। बोर्ड ने संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए नई दर लागू करने पर सहमति जताई थी।
जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों की किस्तों पर लगने वाले ब्याज की नई दरें सात जुलाई से अगले दो साल तक के लिए लागू कर दी गई हैं। अब यदि किसी भी व्यक्ति को प्राधिकरण की संपत्ति आवंटित होती है कि उसके किस्तों पर लगने वाली ब्याज दर कम होगी।
बोटिंग व रेस्त्रां संचालकों का कोरोना काल का किराया माफ
रामगढ़ताल स्थित नया सवेरा से बोटिंग व रेस्त्रां संचालित करने वालों को भी जीडीए ने राहत दी है। प्राधिकरण ने कोरोना काल तक का उनका किराया माफ कर दिया है। संचालकों ने प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र देकर अनुरोध किया था कि लॉकडाउन की वजह से बोटिंग और रेस्त्रां कई महीने बंद थे। ऐसे में उक्त समयावधि तक का उनका किराया माफ कर दिया जाए। यह मामला भी जीडीए बोर्ड में रखा गया था जिसपर तय हुआ था कि फाइनेंस अफसर आकलन कर लें कि कितना किराया माफ करना है। अब प्राधिकरण ने इसे माफ कर दिया है। जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि स्की बोट और स्पीड बोट संचालकों का 60-60 हजार, जबकि नया सवेरा के पास पंप हाउस स्थित रेस्त्रां संचालक का 1.75 लाख रुपये का किराया माफ किया गया है।