गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए करीब एक करोड़ रुपये का मामले में नया खुलासा हुआ है। खुद को आईएएस बताने वाला गौरव कुमार लाल-नीली बत्ती लगी लग्जरी गाड़ियों में घूमता है।
गोरखपुर में रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए एक करोड़ रुपये (99.09 लाख रुपये) के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ही खुद को आईएएस बताने वाले गौरव कुमार के काले कारनामों की परतें खुलने लगी हैं।
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पुलिस की जांच में सामने आया है कि गौरव लाल-नीली बत्ती लगी लग्जरी गाड़ियों में घूमता है। अपना् रुतबे को बनाए रखने के लिए पीए (पर्सनल असिस्टेंट) भी रखता है। वह शहर और बाहर के लोगों से सरकारी ठेके, नौकरी और शादी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच और एक करोड़ रुपये संग पकड़े गए मुकुंद से मिली जानकारी के अनुसार, गौरव पिछले कुछ महीनों से गोरखपुर और वाराणसी के बीच लगातार सक्रिय था। मूलरूप से वह बिहार का रहने वाला है। वर्तमान में शहर के गुलरिहा इलाके में रह रहा था। वह खुद को केंद्र सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताकर अधिकारियों, व्यापारियों और निवेशकों से संपर्क बढ़ाता था।
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सूत्र बताते हैं कि कई बार सरकारी ठेके दिलाने के नाम पर वह नकली दस्तावेज और फर्जी सरकारी सील भी दिखाता था। उसके साथ काम करने वाले कुछ स्थानीय लोग मीटिंग की व्यवस्था करते थे, जिससे उसका अफसर वाला रुतबा और भी बढ़ जाता था। इसके चलते लोग उसकी जालसाजी को भांप नहीं पाते।
पुलिस निकाल रही है सीडीआर, नजदीकियों पर नजर
फिलहाल पुलिस ने आरोपी गौरव के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवा रही है ताकि उसके संपर्क में रहे सहयोगियों और वित्तीय साझेदारों का पता लगाया जा सके। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गौरव ने बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई लोगों को नौकरी, प्रोजेक्ट और निवेश के नाम पर ठगा है। पुलिस को यह भी संदेह है कि वह फिलहाल शहर में ही कहीं छिपा हो सकता है।
लग्जरी जीवनशैली से बनाता था भरोसा
जांच में यह भी सामने आया है कि गौरव महंगी गाड़ियों के काफिले के साथ शहर में चलता है। इससे लोग उसे सचमुच का वरिष्ठ अधिकारी समझ बैठते थे। उसके पीए और ड्राइवर लोगों के सामने “सर, मीटिंग में हैं” या “मंत्रालय से कॉल है” जैसे संवाद बोलकर माहौल बनाते थे। इससे वह न सिर्फ लोगों को प्रभावित करता था बल्कि बड़े-बड़े सौदे भी तय कर लेता था।
ठगी के रुपयों से बनाई संपत्ति
पुलिस को शक है कि गौरव ने ठगी से जुटाई गई रकम से कई संपत्तियां खरीदी हैं। उसके कुछ सहयोगी अभी भी नेटवर्क चला रहे हैं। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि गौरव कुमार लंबे समय से फर्जीवाड़े के जरिये लोगों को ठग रहा है। उसकी कॉल डिटेल और वित्तीय लेन-देन की जांच कराई जा रही है। बहुत जल्द उसे गिरफ्तार किया जाएगा।