ग्रहों की चाल को भी संतुलित करती है बागवानी
गोरखपुर। ग्रहों की चाल और भविष्य की योजनाओं की गूढ़ जानकारी देने वाले ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय बागवानी के भी बेहद शौकीन हैं। अपने तीन मंजिला आवास की बालकनी, छत, मुख्य द्वार से लेकर घर में जहां भी खाली जगह है, उसका बखूबी इस्तेेमाल किया है। किचन गार्डेन के साथ औषधीय पौधे भी लगाए हैं। कई किस्म के फूल भी हैं। उनका कहना है कि पौधरोपण, बागवानी से सेहतमंद हवा, ताजी सब्जी, फल के साथ निरोगी काया तो मिलती ही है, आप अपने ग्रहों की चाल को भी संतुलित कर सकते हैं।
पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि व्यस्तता के बीच छह साल पहले गार्डनिंग के लिए समय निकालने की ठानी और धीरे-धीरे इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया। पत्नी नमिता नरेंद्र और बच्चों शिवांगी और शिवांश का भी सहयोग मिलता है। पूरे घर में 2000 से अधिक गमले हैं। छत पर ड्रम काटकर आम, अमरूद, चीकू, आंवला के पेड़ लगाए हैं। इसके अलावा 90 फीट की सिमेंटेड क्यारियां बनाकर सब्जियां भी उगाते हैं। इससे हर सीजन में घर में खुद की उगाई सब्जी मौजूद रहती है।
तुलसी से होता है सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह
ज्योतिषाचार्य के आवास केे मुख्य द्वार से लेकर घर के हर पूर्व और उत्तर कोने में तुलसी के पौधे मौजूद हैं। उनका कहना है कि तुलसी के गुणकारी तत्वों की वजह से इन्हें बहुतायत में लगाया गया है। इससे रोग खत्म करने में मदद मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
खुद सब्जी उगाते हैं, पत्नी के जिम्मे औषधीय पौधे
ज्योतिषाचार्य के अनुसार पौधों की देखरेख के लिए परिवार के लोगों के बीच काम का बंटवारा किया गया है। सब्जी उगाने का काम मेरे हवाले है। पत्नी फूल और औषधीय पौधे तो बेटी फलों और सजावटी पौधों की देखभाल करती है। सब्जी उगाने के लिए जैविक खाद का इस्तेमाल करते हैं। बड़ी मात्रा में सब्जियां उगती हैं। इसका इस्तेमाल घर पर ही किया जाता है। हरी सब्जियां बाहर से नहीं मंगाते हैं।
‘गो ग्रीन-ग्रो ग्रीन’ रोटरी क्लब-अमर उजाला का अभिनव प्रयास
रोटरी क्लब और अमर उजाला द्वारा आयोजित ‘गो ग्रीन-ग्रो ग्रीन’ ऑनलाइन गार्डनिंग प्रतियोगिता शहर के उन लोगों के लिए है, जिन्होंने बॉलकनी, टेरेस, छत, घरों के अंदर-बाहर हरे-भरे पेड़ पौधे लगाए हैं। कोई भी बागवानी प्रेमी एक से ज्यादा वर्गों के लिए आवेदन कर सकता है। तो फिर तैयार हो जाइए, प्रतियोगिता के जिस वर्ग में आप शामिल होना चाहते हैं, उसके लिए प्रविष्टी भेज सकते हैं। हर वर्ग की सर्वश्रेष्ठ बागवानी पर आकर्षक पुरस्कार-प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे।
इन वर्गों में भेजें आवेदन
वृंदावन : 1200 वर्ग फीट से अधिक क्षेत्रफल में गार्डेन
फुलवारी: 1200 वर्ग फीट से कम क्षेत्रफल में गार्डेन
शालीमार: छत पर गार्डेन (कोई साइज तय नहीं)
गुलिस्तां : बालकनी-बरामदे में बागवानी यानी गमलों का पौधों का संकलन
वाटिका: घर या कमरे के अंदर सुसज्जित पौधों का संकलन
उपवन: औद्योगिक व विभिन्न संस्थाओं में विकसित गार्डेन
इन नंबरों पर भेज सकते हैं इंट्री -9555338497, 9161616164
क्या करना होगा:
आवेदन के साथ बागवानी की छह फोटो, एक मिनट की दो वीडियो कथा देना अनिवार्य।
अपनी बागवानी की विशेषता को 100 शब्दों में लिखकर बताया जा सकता है।
आवेदन की अंतिम तिथि 10 अगस्त