पूरे प्रकरण में युवती के दोस्त की भूमिका सवालों के घेरे में हैं। जिस दोस्त के पास पीड़िता का मोबाइल फोन भी था, उसने समय रहते पुलिस को सूचना दी होती तो शायद यह घटना नहीं होती। इसके अलावा घटना होने के बाद भी दोस्त ने पुलिस का सहयोग नहीं किया। जांच में पता चला कि दोस्त रेलवे स्टेशन के एक दुकान पर ही काम करता है। पीड़िता के स्टेशन पर रहने के दौरान दोनों में गहरी दोस्ती हो गई थी। घटना वाले पूरे दिन भी दोनों के साथ होने की पुष्टि हुई है।
पीड़िता ने की आरोपियों की पहचान, अब कोर्ट में होगा बयान
पकड़े जाने के बाद आरोपियों की पहचान कराई गई। एसपी जीआरपी ने बताया कि पीड़िता ने आरोपियों की शिनाख्त कर ली। अब जल्द ही कोर्ट में पीड़िता का बयान कराया जाएगा। उधर, पीड़िता अब पूरी तरह से सामान्य हो चुकी है। उसका बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
पति से हुआ तलाक
महराजगंज की रहने वाली महिला की शादी नेपाल में हुई थी। तलाक के बाद वह मायके में ही रहती थी। इसी बीच पिता से विवाद हो गया और वह गोरखपुर आ गई। यहां गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर रहने लगी। गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर रहने के दौरान ही घटना हो गई। महिला के पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी का उसके पति से तलाक हो चुका है।
पुलिस को पीड़िता ने अपना मोबाइल फोन नंबर दिया था। पुलिस ने उस नंबर को ट्रेस किया तो पता चला कि फोन उसके दोस्त के बाद पास है। इसके बाद पुलिस ने स्टेशन पर रहने वाले दोस्त को पकड़ा और पूछताछ की। इससे एक-एक कड़ी खुलती चली गई।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे आरोपी
सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी गोरखपुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। पुलिस व जीआरपी की टीमों ने सीसीटीवी फुटेज से ही आरोपियों की पहचान की और चौथे दिन घटना का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को पकड़े जाने का डर नहीं था। इस वजह से कूड़ा बीनने का काम करते रहे।