हर्बर्ट बंधे पर शहर के कूड़े का पहाड़ बन गया है। कूड़े से निकलने वाली गैस की वजह से इसमें अक्सर आग लग जाती है। इसकी वजह से आसपास के लोग काफी परेशान हैं। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की ओर से यहां से कूड़े के ढेर को हटाने का निर्देश दिया गया है।
नगर निगम की ओर से हर्बर्ट बंधे पर शहर का कूड़ा करीब डेढ़ दशक से गिराया जाता रहा है। पिछले दिनों क्षेत्र के निवासी द्वारा एनजीटी में इसके खिलाफ आपत्ति दाखिल की थी। इसके बाद एनजीटी ने मानसून के पहले यहां से कूड़े का ढेर हटाने का निर्देश दिया। लेकिन इसी बीच बृहस्पतिवार को यहां कूड़े में आग लग गई और धुआं उठने लगा। आसपास के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
नौसड़ निवासी बबलू यादव ने कहा कि बंधे के किनारे रहना मुश्किल हो गया है। एक तो यहां दुर्गंध की वजह से परेशानी होती है, दूसरी तरफ धुआं उठने की वजह से मुश्किल होती है।
नौसड़ निवासी अजय ने कहा कि गर्मी के दिनों की सबसे बड़ी परेशानी कूड़े के ढेर में लगने वाली आग है। इससे धुआं उठता रहता है। काफी परेशानी होती है।
उप नगर आयुक्त संजय शुक्ला ने कहा कि हर्बर्ट बंधे पर के कूड़े में अंदर ही अंदर मिथेन गैस बनती है। गर्मी के दिनों में अक्सर इसमें आग लग जाती है। नगर निगम की ओर से लगातार कूड़े को पोकलेन मशीन से उलटने-पलटने का काम किया जाता है। इसके अलावा समय-समय पर पानी का छिड़काव किया जाता है। इसके अलावा एनजीटी ने यहां से कूड़ा हटाने का निर्देश दिया है। एनजीटी के आदेश के अनुसार यहां के कूड़े का रेमिडएशन करना है। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।