चालक के झुकते ही उचक्के कार में रखे रुपये से भरा बैग लेकर भाग गए। घटना के खुलासे के लिए एसपी ने एसओजी को जिम्मेदारी दी। इसके बाद एसओजी ने करीब सौ सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल नंबरों को खंगाला तो सुराग मिल गया। इस पर एसओजी महाराष्ट्र के रवाना हो गई। कई दिनों तक रहने के बाद पुलिस को गिरोह का एक नाबालिग सदस्य हाथ लग गया।
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पुलिस पूछताछ की तो घटना का खुलास हो गया। उसने बताया कि गिरोह के विश्वनाथ, अविनाश मरम्मा नायडु, निवासी नंदूपुर महाराष्ट्र, शक्तिवेल, रिशन निवासी त्रिचना पल्ली तमिलनाडु ने रुपये उड़ाए थे। पुलिस ने नाबालिग शातिर की निशानदेही पर दस लाख रुपये बरामद किया है।
गिरोह के सभी सदस्य गीडा में किराए का कमरा लेकर रहते थे। घटना के बाद ताला बंद कर फरार हो गए थे। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।