गोरखपुर जिले के देवकली गांव में जहां क्रूर सूदखोर है, वहां पर मानवता को जिंदा रखने वाले ग्रामीण भी। सोमवार को अंत्येष्टि के लिए रुपयों की जरुरत पड़ी तो गांव वाले खड़े हो गए। चंदा जुटाकर कफन का इंतजाम किया गया तो फिर कंधा देकर ग्रामीणों ने घाट तक शव पहुंचाकर अंतिम संस्कार को पूरा कराया।
उधर, शवों के गांव में पहुंचने के बाद ही चीख पुकान मच गई थी। इंद्र बहादुर की बूढ़ी मां और बहन रोते-रोते बदहवास हो जा रही थी तो ग्रामीणों की आंखें भी नम थी। सोमवार को करीबन 1. 15 बजे पुलिस फोर्स की मौजूदगी में शव गांव पहुंचे थे। वां पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।
शवों को वाहन से जैसे ही उतारा गया देखते ही इन्द्रबहादुर की बूढ़ी मां, बहन और भतीजा दहाड़े मार मार रोने लोगें। जिन्हें देखकर वहां उपस्थित जनसमूह में भी चीख चित्कार मच गया और पूरा माहौल गमगीन हो गया। गोला कोतवाली प्रभारी अश्विन तिवारी ने बताया कि तहरीर मिल गई है। आरोपों की जांच की जाएगी, साक्ष्य मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।
मुख्य मांग
- मृतक के परिजनों को सुदखोरों से सुरक्षा प्रदान किया जाए।
- मृतक के भतीजे द्वारा दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
- सूदखोरों के डर से कमाऊं सदस्य खो गए, इसलिए मुआवजा दी जाए।
- बड़े भाई द्वारा की गई बैनामे को निरस्त किया जाए।
- नामजद कर्जदारों द्वारा दिए गए कर्जों को माफ किया जाए।