इस तरह जालसाज ने फिर कहा कि कंपनी ने चेक की धनराशि बढ़ाकर ढाई लाख कर दी है और 15000 टैक्स लगेगा। तीसरी बार भी लक्ष्मण ने 15000 रुपये भेज दिया। फिर उसने चेक की धनराशि कंपनी की ओर से बढ़ाकर तीन लाख कर दिए जाने की जानकारी दी। उसने झांसा दिया कि कंपनी के कर्मी के घर शादी है और वह छुट्टी चला गया है।
बाद में जालसाज ने कहा कि चेक प्रमाणित करने वाले के पिता की मौत हो गई है। कंपनी के कुछ स्टाफ रिटायर्ड तो कुछ स्थानांतरित हो गए। दूसरे साहब आएंगे तभी आपके खाते में रुपये भेजेंगे। यदि 5000 रुपये और भेज दीजिए तो आपके खाते में चेक लगवा देंगे। लक्ष्मण ने फिर 5000 रुपये भेज दिया। वह किसी बड़े जालसाजी गैंग के जाल में फंस गया। उसने पता किया तो जिस खाता नंबर में उसने रकम भेजी थी, उसका नाम बबलू कुमार नडिवासी मुनेश्वर गुल्जार पोखर बिहार और रतनी देवी निवासी हीरापुर धनबाद झारखंड के नाम से है।
उक्त डॉक्टर ने अमानत में खयानत करके उसे 60 हजार लेकर हड़प लिया। पुलिस को तहरीर दी गई, लेकिन कोई कारवाई नहीं हुई। बाद में उसने कोर्ट की शरण ली। कोतवाल रवींद्र कुमार ने बताया कि बिहार के आरोपी बबलू कुमार और झारखंड की रतनी देवी के खिलाफ जालसाजी और गबन का केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना की जा रही है।