थानेदार नासिर हुसैन व रामनगर कड़जहां चौकी इंचार्ज चंदन सिंह ने बताया कि पुलिस को कार में रजिस्ट्रेशन के कागजात मिले। कार देवरिया के बरहज सोनौरी निवासी अनुराग सिंह की है। युवक के पास मिले मोबाइल से नंबर निकालकर पुलिस ने अनुराग को फोन किया तो पता चला कि रौशन उनका भतीजा था।
सुरेखा के रिश्तेदारों ने बताया कि वह दिल्ली में मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी और लॉकडाउन में घर आई थी। तीन बहनों में वह दूसरे नंबर की थी। पिता शनिरेश दुबे खुखुंदू में ही टेंट के सामान के थोक विक्रेता हैं। वहीं रौशन दो भाइयों में बड़ा था।
वह देवरिया से ही बीएससी कर रहा था। पिता देवेंद्र प्रताप सिंह कोटेदार हैं। पुलिस को कार से एक बैग भी मिला है। बैग युवक या युवती में से किसका है यह पता नहीं चला। पुलिस का कहना है कि शायद रौशन सुरेखा को कहीं से रिसीव कर घर ले जा रहा था। युवक और युवती की मित्रता थी।