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जल्दबाजी में उपस्थिति पंजिका में भरी गई है हाजिरी

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जल्दबाजी में उपस्थिति पंजिका में भरी गई है हाजिरी
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- सीडीओ ने माना, शुरूआती जांच में कस्तूरबा विद्यालय में उपस्थिति रजिस्टर में गड़बड़ी प्रतीत हो रही है
- विस्तृत जांच के लिए संबंधित ब्लाकों के बीडीओ को जांच सौंपी, वह छात्राओं के बात करेंगे
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में भोजन व अन्य मदों में जिले के स्कूलों के खाते से 38 लाख निकाले जाने की बात सामने आई। इस अनियमितता की जांच कर रहे सीडीओ ने पूरे मामले की पत्रावलियां तलब की। इसकी प्रारंभिक जांच में पंजिका पर जल्दबाजी में नाम लिखने और हाजिरी भरने की संभावना की बात सामने आ रही है। अब उन्होंने संबंधित ब्लॉकों के बीडीओ को मामले की जांच सौंपी है। वे इन छात्राओं से बयान दर्ज करेंगे।
राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने प्रदेश के 18 जिलों के कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राओं के भोजन और अन्य मद के नाम पर रकम निकालने क मामले में पत्रावली तलब की थी। इसमें प्रदेश के 18 जिलों में भोजन के नाम पर व अन्य मदों में लगभग नौ करोड़ रुपये निकालने की बात सामने आई।
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इसे लेकर ‘अमर उजाला’ ने 27 मई के अंक में ‘छात्राएं आईं नहीं और निकाल लिए नौ करोड़’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें संतकबीरनगर जिले में 38 लाख रुपये निकालने की बात सामने आई है। इसके बाद से अधिकारी कस्तूरबा विद्यालयों की जांच करा रहे हैं। सीडीओ अतुल मिश्र ने बताया कि बीएसए से 29 मई तक कस्तूरबा स्कूलों से संबंधित समस्त पत्रावली तलब की गई। उन्हें यह पत्रावली 30 मई की शाम को दी गईं। सीडीओ ने बताया कि पत्रावलियों की जांच-परख की गई। इसमें छात्राओं के उपस्थिति रजिस्टर में बहुत साफ साफ अक्षरों में छात्राओं के नाम लिखे गए हैं। ऐसा लग रहा है कि यह नाम जल्द ही लिखे गए हैं। छात्राओं की उपस्थिति भी जल्दबाजी में लिखी गई है। दो दिन छात्राओं को उपस्थित दिखाया गया है और एक दिन अनुपस्थित दिखाया गया है। इससे साफ लग रहा है कि कुछ तो गड़बड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि सातों ब्लॉकों के कस्तूरबा स्कूलों की जांच संबंधित ब्लॉक के बीडीओ को दी गई है। बीडीओ उपस्थिति पंजिका में दर्ज छात्राओं के नाम के अनुसार उनका बयान लेंगे और उसके बाद अपनी रिपोर्ट देंगे। संवाद
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प्रियंका गांधी और सांसद संजय सिंह ले चुके हैं संज्ञान
प्रदेश के 18 जिलों में नौ करोड़ रुपये निकालने के मामले का कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद संजय सिंह भी संज्ञान ले चुके हैं। प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया और राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने इसे आपदा में अवसर बताते हुए जांच की मांग की।
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