गोरखपुर। फार्मर रजिस्ट्री के लिए कृषि व राजस्व विभाग के कर्मचारी गांव-गांव पहुंच कर किसानों का फार्मर रजिस्ट्री कर रहे हैं। शासन का निर्देश है कि एक मई से इसे अनिवार्य कर दिया गया है। एक जून से किसी भी किसान को बिना फार्मर रजिस्ट्री आईडी के खाद नहीं मिलेगा। इसका उद्देश्य यह है कि किसान को उसके खेत के हिसाब से ही खाद दिया जाए।
जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने यह जानकादी देते हुए बताया कि शासन के निर्देश पर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर उनकी रजिस्ट्री कर रहे हैं। लेखपाल भी किसानों के घर जाकर खसरा-खतौनी के हिसाब से फार्मर रजिस्ट्री कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वह लगातार गांवों में जाकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं। उनसे जान रहे हैं कि उनकी रजिस्ट्री हुई या नहीं? यदि नहीं हुई है तो संबंधित कर्मचारी को वहां भेज रहे हैं। उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के साथ ही जो किसान अपना गेहूं क्रय केंद्र पर बेचना चाह रहे हैं, उनका रजिस्ट्रेशन भी हो जा रहा है।